{"_id":"605335afa48433725829dac9","slug":"balrampur-1-28-crore-poor-daughters-will-have-yellow-hands-251-daughters-are-being-searched","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलरामपुर : 1.28 करोड़ से गरीब परिवार की बेटियों के हाथ होंगे पीले, 251 बेटियों की हो रही है तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलरामपुर : 1.28 करोड़ से गरीब परिवार की बेटियों के हाथ होंगे पीले, 251 बेटियों की हो रही है तलाश
Thu, 18 Mar 2021 04:42 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलरामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलरामपुर
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 18 Mar 2021 04:42 PM IST
विज्ञापन
सामूहिक विवाह समारोह
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटियों के हाथ पीले कराने पर 1.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिले के गरीब परिवार की 251 बेटियों की तलाश शुरु कर दी गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से बेटियों के शादी समारोह पर धनराशि खर्च की जाएगी। जिले के सभी नौ ब्लॉकों और चारों नगर निकायों से सामूहिक विवाह में शामिल होने वाले जोड़ों का ब्यौरा मांगा गया है। शासन से लक्ष्य के साथ-साथ बेटियों के शादी समारोह पर खर्च करने के लिए धनराशि आवंटित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए बेटियों की आयु 18 वर्ष और बेटों की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के गरीब परिवार की 251 बेटियों के हाथ पीले कराने की प्रशासन की तरफ से तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। बेटियों के शादी समारोह पर एक करोड़ 28 लाख एक हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के ब्लॉक मुख्यालयों पर शादी समारोह के मंडप सजाए जाएंगे। जिले के ऐसे इच्छुक व पात्र लाभार्थी जिनके पुत्री की उम्र 18 वर्ष और पुत्र की उम्र 21 वर्ष हो सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण कराने की सुविधा तीनों तहसीलों के एसडीएम कार्यालय, नौ ब्लॉकों के बीडीओ कार्यालय व चारों नगर निकायों के ईओ कार्यालय में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ पंजीकरण कराने वालों को ही मिलेगा।
धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार सामूहिक विवाह में मंडप सजाए जाएंगे। सभी धर्मों के अनुसार ही सामूहिक विवाह मंडप में जोड़ों की शादी कराई जाएंगी। प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51-51 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। शासन स्तर से सामूहिक विवाह योजना के खर्च होने वाले सभी मदों को निर्धारित कर दिया गया है। सामूहिक विवाह प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक बेटी के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 35-35 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। प्रत्येक बेटी के शादी सामग्री पर 10-10 हजार रुपये और विवाह मंडप के अन्य मदों में छह-छह हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवार के बेटियों की शादियां कराने के लिए टेंडर करा दिया गया है। जिले के सभी नौ ब्लॉकों व चार नगर निकायों से बेटियों की शादियां कराने के लिए जोड़ों का ब्यौरा मांगा गया है। चालू वित्तीय वर्ष में ही 141 बेटियों की शादियां कराई जा चुकी हैं। पहले चरण के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जिले की 141 बेटियों के शादी समारोह पर 71 लाख 91 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
लक्ष्य का हुआ निर्धारण
ब्लॉक-लक्ष्य
सदर-30
हरैया सतघरवा-30
श्रीदत्तगंज-25
उतरौला-25
गेड़ास बुजुर्ग-21
तुलसीपुर-25
पचपेड़वा-30
गैसड़ी-30
नगर-लक्ष्य
बलरामपुर-4
उतरौला-2
तुलसीपुर-2
पचपेड़वा-2
पंजीकरण कराने का दिया गया निर्देश
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जोड़ों का पंजीकरण कराने के लिए जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम, नौ ब्लॉकों के बीडीओ और चारों नगर निकायों के ईओ को निर्देश दिया गया है। व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर गरीबों के बेटियों की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से शादी कराने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। सीडीओ रिया केजरीवाल को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जोड़ों के पंजीकरण की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्रुति, डीएम
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के गरीब परिवार की 251 बेटियों के हाथ पीले कराने की प्रशासन की तरफ से तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। बेटियों के शादी समारोह पर एक करोड़ 28 लाख एक हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के ब्लॉक मुख्यालयों पर शादी समारोह के मंडप सजाए जाएंगे। जिले के ऐसे इच्छुक व पात्र लाभार्थी जिनके पुत्री की उम्र 18 वर्ष और पुत्र की उम्र 21 वर्ष हो सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण कराने की सुविधा तीनों तहसीलों के एसडीएम कार्यालय, नौ ब्लॉकों के बीडीओ कार्यालय व चारों नगर निकायों के ईओ कार्यालय में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ पंजीकरण कराने वालों को ही मिलेगा।
विज्ञापन
धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार सामूहिक विवाह में मंडप सजाए जाएंगे। सभी धर्मों के अनुसार ही सामूहिक विवाह मंडप में जोड़ों की शादी कराई जाएंगी। प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51-51 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। शासन स्तर से सामूहिक विवाह योजना के खर्च होने वाले सभी मदों को निर्धारित कर दिया गया है। सामूहिक विवाह प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक बेटी के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 35-35 हजार रुपये की धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। प्रत्येक बेटी के शादी सामग्री पर 10-10 हजार रुपये और विवाह मंडप के अन्य मदों में छह-छह हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवार के बेटियों की शादियां कराने के लिए टेंडर करा दिया गया है। जिले के सभी नौ ब्लॉकों व चार नगर निकायों से बेटियों की शादियां कराने के लिए जोड़ों का ब्यौरा मांगा गया है। चालू वित्तीय वर्ष में ही 141 बेटियों की शादियां कराई जा चुकी हैं। पहले चरण के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जिले की 141 बेटियों के शादी समारोह पर 71 लाख 91 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
लक्ष्य का हुआ निर्धारण
ब्लॉक-लक्ष्य
सदर-30
हरैया सतघरवा-30
श्रीदत्तगंज-25
उतरौला-25
गेड़ास बुजुर्ग-21
तुलसीपुर-25
पचपेड़वा-30
गैसड़ी-30
नगर-लक्ष्य
बलरामपुर-4
उतरौला-2
तुलसीपुर-2
पचपेड़वा-2
पंजीकरण कराने का दिया गया निर्देश
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जोड़ों का पंजीकरण कराने के लिए जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम, नौ ब्लॉकों के बीडीओ और चारों नगर निकायों के ईओ को निर्देश दिया गया है। व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर गरीबों के बेटियों की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से शादी कराने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। सीडीओ रिया केजरीवाल को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जोड़ों के पंजीकरण की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्रुति, डीएम