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आईपीएस व उनकी पत्नी को दुराचार के फर्जी मामले में फंसाने वाले को मिली जमानत
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आईपीएस एवं उनकी पत्नी को दुराचार के फर्जी मामले में फंसाने के आरोपी भुजवीर सिंह और उसकी पत्नी पुष्पा देवी को एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने 50-50 हजार रुपये की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया था कि आरोपी निर्दोष हैं और वादी पुलिस अधिकारी हैं जिसके दबाव में उन्हें फर्जी फंसाया गया है। यह भी कहा गया है कि उन्होंने स्वयं न्यायालय के समक्ष आत्म समर्पण किया है, लिहाजा उनके फरार होने की कोई आशंका नहीं है।
वहीं दूसरी ओर जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील मुनेश बाबू यादव का तर्क था कि इस मामले की रिपोर्ट आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने गत 20 जून 2015 को गोमतीनगर थाने पर दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व राज्य महिला आयोग की चेयरमैन जरीना उस्मानी व अन्य कई लोगों ने वादी व उसकी पत्नी को फर्जी दुराचार के मामले में फंसाने का षडयंत्र रचा था। विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 467, 468, 471, 420, 203, 211 व 120बी भारतीय दंड संहिता के तहत पुलिस द्वारा अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था ।
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बचाव पक्ष की ओर से कहा गया था कि आरोपी निर्दोष हैं और वादी पुलिस अधिकारी हैं जिसके दबाव में उन्हें फर्जी फंसाया गया है। यह भी कहा गया है कि उन्होंने स्वयं न्यायालय के समक्ष आत्म समर्पण किया है, लिहाजा उनके फरार होने की कोई आशंका नहीं है।
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वहीं दूसरी ओर जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील मुनेश बाबू यादव का तर्क था कि इस मामले की रिपोर्ट आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने गत 20 जून 2015 को गोमतीनगर थाने पर दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व राज्य महिला आयोग की चेयरमैन जरीना उस्मानी व अन्य कई लोगों ने वादी व उसकी पत्नी को फर्जी दुराचार के मामले में फंसाने का षडयंत्र रचा था। विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 467, 468, 471, 420, 203, 211 व 120बी भारतीय दंड संहिता के तहत पुलिस द्वारा अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था ।
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