फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   bail application reject of two accused

एआईएमआईएम और कांग्रेस नेता की जमानत अर्जी खारिज

Thu, 17 Sep 2020 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2020 10:45 PM IST
विज्ञापन
bail application reject of two accused
लखनऊ/अमेठी। अमेठी की रहने वाली मां एवं बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एआईएमआईएम के नेता मोहम्मद कादिर खान एवं कांग्रेसी नेता अनूप सिंह पटेल की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश हरेंद्र बहादुर सिंह ने खारिज कर दी है।
विज्ञापन

दोनों आरोपियों की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्रों का विरोध करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जेपी सिंह का तर्क था कि इस मामले की रिपोर्ट उप निरीक्षक सज्जाद खान ने गत 17 जुलाई को हजरतगंज थाने पर दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

रिपोर्ट में कहा गया है कि उप निरीक्षक सज्जाद खान अन्य साथी पुलिसकर्मियों के साथ शांति व्यवस्था ड्यूटी में तैनात थे तभी समय करीब 5:30 बजे सायं लोक भवन गेट पर एक महिला व एक लड़की ने अचानक पेट्रोल डालकर स्वयं को आग लगा ली। जिसको वहां पर मौजूद पुलिस बल एवं महिला पुलिसकर्मियों की मदद से तत्काल कंबल आदि डालकर हरसंभव प्रयास करते हुए महिला और लड़की को बचाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा गया है कि लोक भवन के सामने मुख्य मार्ग पर हुई इस घटना से वहां पर खड़े लोगों एवं राहगीरों में भगदड़ मच गई तथा मौके पर अफरातफरी का माहौल व्याप्त हो गया। थाने पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार इलाज के दौरान पता किया गया तो मालूम हुआ कि लड़की गुड़िया उर्फ अफसाना एवं उसकी मां साफिया निवासी जामो थाना जामो जनपद अमेठी की रहने वाली है तथा गांव के अर्जुन, सुनील, राजकरण और राममिलन ने नाली विवाद को लेकर उसे परेशान किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला और उसकी पुत्री ने बताया कि उसने इस मामले को लेकर 9 मई 2020 को विवाद हुआ था जिसका मुकदमा थाने पर लिखा गया था लेकिन थाने द्वारा उसके मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। उसके बाद वह कई नेताओं से मिली जिसमें अमेठी के एआईएमआईएम नेता कादिर खान जो जिलाध्यक्ष है उन्होंने कहा था कि आत्महत्या करने की कोशिश करो तभी दबाव में कार्रवाई होगी।
कहा गया है कि इसके बाद 4 जुलाई को आसमा व सुल्तान उसे लेकर लखनऊ आए जहां पर कांग्रेस पार्टी के कार्यालय के नेता अनूप पटेल मिले उन्होंने भी विधानभवन के सामने आग लगाकर दबाव डालने वाली बात कही थी।

बहस के दौरान सरकारी वकील का तर्क था कि इस घटना में दोनों महिलाओं का बयान दर्ज किया गया है जिसमें साफिया ने स्पष्ट रूप से कादिर खान और अनूप पटेल के कहने पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास करने की बात को कहा है। अदालत ने कहा है कि मौजूदा समय में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं मृत्यु पूर्व बयान को देखते हुए अभियुक्तों को जमानत पर छोड़ा जाना उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed