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'माया के सीएम बनने के खिलाफ थे कांशीराम'

Sun, 20 Oct 2013 02:29 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sun, 20 Oct 2013 02:29 PM IST
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bahujan sangharsh party comments on mayawati

बहुजन संघर्ष पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बसपा के संस्थापक कांशीराम के भाई दलबारा सिंह ने उत्तर प्रदेश में 50 सीटों समेत देश भर में 150 संसदीय क्षेत्रों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की।

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उन्होंने खुलासा किया कि कांशीराम नहीं चाहते थे कि मायावती दूसरे दलों की बैसाखी से मुख्यमंत्री बनकर बहुजन समाज के साथ धोखा करें।

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उन्होंने दावा किया कि मायावती ने उनके पास बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। माया बहुजन समाज से माफी मांगे तभी वार्ता संभव है।

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दलबारा अपनी बेटी और पार्टी की महासचिव सुखजिंदर कौर के साथ प्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने यहां इंदिरानगर स्थित प्रदेश कार्यालय पर प्रदेश व जिला पदाधिकारियों के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की।
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दलबारा ने कहा कि कांशीराम के निधन के बाद मायावती ने बहुजन की जगह सर्वजन का प्रयोग करके मनुवाद से ग्रसित लोगों के लिए पार्टी के दरवाजे खोल दिए।

कांशीराम ने 85 फीसदी बहुजन समाज को जोड़ने के लिए 1993 में मुलायम सिंह यादव से समझौता किया था।

ढाई साल बाद मायावती बहुजन समाज के दुश्मनों से समझौता कर खुद मुख्यमंत्री बन गई। दलबारा ने मुजफ्फरनगर हिंसा को सपा और भाजपा की सोची समझी साजिश का नतीजा बताया।

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