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बहराइच हिंसा: मृतक की पत्नी बोली- मदद वापस ले सरकार, परिवार को न्याय दिलाएं

Fri, 18 Oct 2024 07:03 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Published by: ishwar ashish Updated Fri, 18 Oct 2024 07:03 PM IST
सार

हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की पत्नी व पिता पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। मृतक की पत्नी ने कहा कि सरकार भले ही मदद वापस ले ले लेकिन न्याय दिलाए।
 

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Bahraich violence: Wife of the deceased said - Government should withdraw the help, provide justice to the fam
मृतक युवक के परिजन। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बीते रविवार को महराजगंज में मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई हिंसा में जान गंवाने पाले राम गोपाल मिश्रा की पत्नी ने कहा है कि सरकार द्वारा जो उनको व परिवार को मदद दी गई है वह उसे वापस ले और उनको न्याय दिया जाए। वहीं, पिता कैलाशनाथ मिश्रा ने हरदी पुलिस पर अपराधियों के साथ मिले होने का आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि यदि उनको न्याय नहीं मिला तो वह परिवार समेत आत्मदाह कर लेंगे। मृतक के गांव व घर के पास पुलिस का कड़ा पहरा है। वहां मीडिया समेत किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने से रोका जा रहा है। जबकि पीड़ित परिवार व मृतक की पत्नी सोशल मीडिया पर भी अपने वीडियो वायरल कर सरकार से न्याय मांगने के साथ खुद का दर्द बयां कर रहे है।

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शुक्रवार दोपहर अपने पैतृक गांव रेहुआ मंसूर में अमर उजाला के साथ बातचीत में मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी से मुलाकात के दौरान उनके द्वारा विश्वास दिलाया गया था कि अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी पर ऐसा होता दिखाई नहीं पड़ रहा है। कहीं ना कहीं स्थानीय पुलिस लापरवाही बरत रही है। उनसे यह पूछने पर कि बृहस्पतिवार शाम नानपारा के हाडा बसेरी गांव के पास घटना के मुख्य आरोपी सरफराज और उसके भाई तालीम को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया क्या वह इससे खुश हैं। इस पर उन्होंने कहा कि घटना के मुख्य आरोपी सरफराज को ऐसे ही छोड़ देना मृतक राम गोपाल मिश्रा के साथ नाइंसाफी है जिस तरह मेरे बेटे रामगोपाल को आरोपियों ने मारा उसी तरह उनकी भी मौत होनी चाहिए।
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मृतक के पिता कैलाश नाथ ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उनके बेटे रामगोपाल मिश्रा की हत्या के आरोपियों को मौत की सजा दी जाए उनका एनकाउंटर किया जाए। जिससे दोबारा कोई भी ऐसी घटना करने के बारे में सोच भी ना पाए। पिता ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर न्याय न मिलने पर खुद व परिवार समेत आत्मदाह करने की बात कही है। वहीं, मृतक की मां व बहन समेत परिवार के सभी लोग न्याय मांग रहे हैं। मृतक रामगोपाल की पत्नी रोली मिश्रा ने बताया की उन्हें पुलिस और सरकार से जिस इंसाफ की उम्मीद थी उन्हें वह नहीं मिला है जिस बेरहमी से उनके पति की हत्या की गई उसके लिए आरोपियों को पड़कर सिर्फ जेल में डाल देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पति की हत्या करने वाले आरोपियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए सके। उन्होंने यह भी कहा कि जो हरदी थाने के पुलिस कर्मचारी उन दोनों अपराधियों को पकड़ने में लगे हुए थे वो कहीं ना कहीं संदेश के घेरे में हैं।

रेहुआ मंसूर गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
महाराजगंज में रविवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई हिंसा में गोली मारकर की गई हत्या के बाद फैले जनाक्रोश के चलते मृतक रामगोपाल मिश्रा के गांव रेहुआ मंसूर में पुलिस ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया है। जगह जगह पुलिस तैनात कर दी गई है। यहां तक की मीडिया का प्रवेश थी वर्जित है। मीडिया कर्मी किसी तरह छुपते छुपाते गांव पहुंच रहे हैं और समाचार संकलित कर रहे हैं।

पुलिस ने मृतक राम गोपाल मिश्रा के गांव में पूरी तरह से लोगों के आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें राज नेताओं, धार्मिक संगठन के साथ मीडिया के लोग भी शामिल हैं। शुक्रवार दोपहर अमर उजाला टीम किसी तरह से रेहुआ मंसूर गांव में दाखिल हुई और लोगों से बात बातचीत की। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस तैनाती के चलते उन लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कहीं भी जाने आने पर पुलिस द्वारा काफी पूछताछ की जा रही है। पूरा रेहुआ मंसूर गांव छावनी में तब्दील है।

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