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Bahraich: दरगाह शरीफ के सालाना उर्स पर गहराया संशय, खुफिया रिपोर्ट में बताया गया शांति व्यवस्था को खतरा

Sat, 27 Dec 2025 07:41 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच Published by: ishwar ashish Updated Sat, 27 Dec 2025 07:41 PM IST
सार

सलाना उर्स के आयोजन पर दरगाह प्रबंध समिति ने जिला प्रशासन से आयोजन की अनुमति मांगी है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने रिपोर्ट में शांति व्यवस्था को खतरा बताया है।

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Bahraich: Doubts deepen over the annual Urs of Dargah Sharif
बहराइच स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह।

विस्तार

सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर एक से छह जनवरी तक प्रस्तावित सालाना उर्स के आयोजन पर अनिश्चितता बढ़ गई है। दरगाह प्रबंध समिति ने प्रशासन को पत्र लिखकर आयोजन में सहयोग मांगा है। इस बीच स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) ने आयोजन के दौरान जुटने वाली भीड़ से शांति व्यवस्था को खतरा बताकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी ही रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन जेठ मेले के आयोजन पर रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सामान्य रूप से सभी रस्में पूरी हो सकी थीं।

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दरगाह प्रबंध समिति ने पत्र में लिखा है कि उर्स के दौरान छह दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की परंपरा रही है। प्रस्तावित कार्यक्रमों में कव्वाली, चादरपोशी, लंगर वितरण, नातिया मुशायरा, मिलाद शरीफ, कुरानख्वानी और आम जियारत होगी। बड़ी संख्या में जायरीन बहराइच और आसपास के जिलों से पहुंचेंगे।
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इस मामले में एलआईयू ने मंडलायुक्त समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर सचेत किया है कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत भीड़ वाले कार्यक्रमों पर रोक है। ऐसे में उर्स का वृहद आयोजन कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व में भारी भीड़ के चलते बहराइच के साथ ही अन्य जिलों में कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन चुकी है।

एलआईयू के अनुसार मौजूदा समय में प्रदेश का माहौल संवेदनशील है। बीते महीनों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं, विरोध प्रदर्शनों और हिंसक मामलों के चलते किसी भी बड़े आयोजन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। आशंका जताई है कि कुछ संगठन उर्स का विरोध कर सकते हैं। ऐसे में यदि हजारों की संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचे, तो मामूली विवाद भी बड़ी घटना का रूप ले सकता है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ही आयोजन पर निर्णय लिया जाए।

जेठ मेले के दौरान बनी थी यही स्थिति
यही स्थिति इस वर्ष मई-जून के दौरान दरगाह पर प्रस्तावित जेठ मेले के दौरान बनी थी। तब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। अब एलआईयू की ताजा रिपोर्ट के बाद उर्स 2026 के आयोजन पर भी संशय गहरा गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अंतिम फैसला हाईकोर्ट के आदेश और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

यह है हाईकोर्ट का आदेश

हाईकोर्ट ने पूर्व में स्पष्ट किया है कि दरगाह पर केवल आवश्यक और नियमित धार्मिक गतिविधियां ही सीमित संख्या में की जा सकती हैं। किसी भी प्रकार की भीड़ या ऐसा आयोजन, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो को अनुमति नहीं दी जा सकती।

सभी पहलुओं पर होगी गंभीरता से जांच और समीक्षा
दरगाह शरीफ में प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने जिलाधिकारी बहराइच और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उर्स से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच और समीक्षा की जाएगी। कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखा जाएगा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी तरह का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेगा। जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही उर्स आयोजन के संबंध में उचित फैसला लिया जाएगा।

न्यायालय ने दे रखा है अंतरिम आदेश
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश शुक्ला का कहना है कि उच्च न्यायालय ने दरगाह शरीफ में आयोजनों के मामले में अंतरिम आदेश दे रखा है। आदेश में कहा गया है कि दरगाह के जो नियमित कार्य हैं वह होते रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि आवश्यक धार्मिक कार्यक्रम सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के साथ संपन्न कराया जाए। किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ से बचने के निर्देश दिए गए हैं। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

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