सीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा : मुख्यमंत्री योगी बोले, सरकार करेगी हर संभव मदद
मुख्यमंत्री ने 11 बाढ़ प्रभावितों को अपने हाथों खाद्यान्न किट, छह कटान पीड़ितों को गृह अनुदान का डेमो चेक व खाद्यान्न किट व दो लाभार्थियों को आवास की चाबी सौंपी। शेष पचदेवरी गांव के 250 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट का वितरण करवाया।
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अवध के ज्यादातर जिले बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गोंडा-बहराइच, बलरामपुर, सीतापुर, बाराबंकी श्रावस्ती, अयोध्या से लेकर अंबेडकरनगर तक के कई गांव इन दिनों बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित बहराइच-गोंडा और बलरामपुर जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकाप्टर से जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है।
इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित हर जिले में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नोडल अफसर बनाकर के निर्देश दिए। उन्होंने बलरामपुर में कहा कि नेपाली पानी के कारण जिले की राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में आए उफान के चलते पीड़ित परिवारों को समयबद्ध ढंग से हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 60 ग्राम पंचायतों की करीब 65 हजार आबादी बाढ़ प्रभावित हुई है। 6,200 हेक्टेअर में लगी खरीफ की फसल क्षतिग्रस्त हुई है।
आगामी पांच सितंबर से एक सप्ताह तक बाढ़ राहत व जलजनित रोगों से बचाव के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। गोंडा के रगड़गंज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदी की धारा में मकान बह जाने से बेघर हुए परिवारों को मुख्यमंत्री आवास दिया जाएगा। उधर अंबेडकरनगर में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व अराजीदेवारा गांव के नौ पुरवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा व सिद्धनाथ का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। उधर सीतापुर के तंबौर-रेउसा समेत तराई इलाके में उफनाई शारदा व सरयू नदी के जलस्तर में शुक्रवार को कुछ कमी आई है, इससे लोगों के घरों के अंदर भरा पानी कम हुआ है। संपर्क मार्ग अभी भी पानी से घिरे हुए हैं। श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
बहराइच : सीएम को देखने के लिए छत, दीवार और पेड़ पर चढ़े लोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। सीएम के आने के पहले कड़ी सुरक्षा के चलते ग्रामीण मकान की छतों, दीवारों और पेड़ पर चढ़ गए। चिलचिलाती धूप और उमस भी जनता के उत्साह को कम नहीं कर पाई। सीएम के हर पल को वीडियो में कैद करने के लिए लोग आतुर दिखाई दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बहराइच के महसी इलाके में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद राजीचौराहा स्थित कार्यक्रम स्थल पर दोपहर दो बजे के करीब पहुंचे। सीएम के हेलीकॉप्टर की आवाज आसमान में गूंजी तो लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। गगनभेदी नारों के बीच सीएम के उतरते ही लोग मकान की छत, दीवार और पेड़ों पर चढ़कर बैठ गए। सीएम को देखने के लिए चिलचिलाती धूप को भी लोगों ने नजर अंदाज कर दिया। करीब एक से डेढ़ घंटे पहले ही लोग सीएम को देखने के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। सीएम के आगमन पर हर पल को कैद करने के लिए युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
अचानक आया कार्यक्रम तो छूटा पसीना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बृहस्पतिवार रात अचानक जिला प्रशासन के पास कार्यक्रम आया। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र के अवकाश पर होने के कारण प्रभारी डीएम कविता मीना ने रात में ही पीडब्लूडी के अधिकारियों को हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। अंतिम समय तक अफसर पसीना बहाते नजर आए। एडीएम जयचंद्र पांडेय, डीपीआरओ उमाकांत पांडेय, डीडीओ राजेश मिश्रा, सीवीओ बलवंत सिंह, एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार, एसडीएम एसएन त्रिपाठी समेत अन्य अफसर पूरी रात कार्यक्रम की तैयारियों में लगे रहे।
सीएम के कार्यक्रम से गायब दिखे नेता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को सरयू नदी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करने के बाद राजीचौराहा स्थित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन यहां कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, सांसद अक्षयवरलाल गोंड, कैसरगंज सांसद बृजभूषणशरण सिंह, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी के साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल भी नहीं शामिल हुए। यह पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय भी बना रहा। जनप्रतिनिधियों व पार्टी नेताओं की गैर मौजूदगी ने लोगों के अंदर कौतूहल भी पैदा किया।
पानी की तलाश में भटके लोग
बौंडी। कार्यक्रम स्थल पर अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझने को मजबूर होना पड़ा। कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीण क्षेत्रों व दूर-दराज सेआए लोगों को भीषण गर्मी व उमस के बीच चौक-चौराहे पर पानी की बोतलें और पाउच खरीदते हुए देखा गया। वहीं कुछ लोग प्रशासन द्वारा लगाए गए पानी के टैंक से भी पानी पीते दिखाई दिए।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे सुरक्षाकर्मी
राजीचौराहा। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर घर के छतों पर पुलिसकर्मी मुस्तैद दिखाई दिए। एसपी सुजाता सिंह और एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार सीएम की सुरक्षा का पल-पल जायजा लेते देखे गए।