भाजपा कर्मचारियों के तो शुरू हो गए बुरे दिन
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केंद्र में सरकार बनने के बाद भाजपा व भाजपाइयों के भले ही अच्छे दिन आ गए हों लेकिन पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर कार्यरत कर्मचारियों के तो बुरे दिन आ गए हैं। छह कर्मचारियों की छंटनी से नाराज सभी 57 कर्मचारी शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय पर धरना पर बैठ गए।
बाद में पार्टी के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने उन्हें समझा-बुझाकर धरना खत्म कराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी व प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल के लखनऊ आने के बाद उनसे विचार-विमर्श करके समस्या का समाधान तलाशा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले यहां हुई भाजपा की बैठक में पार्टी मुख्यालय के कर्मचारियों की संख्या कम करने पर चर्चा हुई। इसके तहत शंकर लाल, हरीराम सोनी उर्फ बड़कऊ, संजय, जगजीवन, राजू टंडन और मदन को हटाने का फैसला किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, अंदरूनी मामला
ये सभी कर्मचारी काफी पुराने हैं। इनमें कई तो किशोरावस्था से ही पार्टी कार्यालय से जुड़े हैं। उनका कहना है कि अब इस उम्र में कहां जाएं।
धरना देना ठीक नहीं: इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा है कि यह परिवार का अंदरूनी मामला है। कर्मचारी परिवार के सदस्य हैं तो वह (वाजपेयी) मुखिया। वे सभी को बुलाकर बात करेंगे।
समस्या का समाधान तलाशेंगे, पर अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर किसी को पार्टी के फैसले पर आपत्ति थी तो हमारे लौटने का इंतजार करना चाहिए था। कर्मचारियों को याद रखना चाहिए कि हमारे ही कार्यकाल में उनकी तनख्वाह ढाई से तीन गुना तक बढ़ी है।