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बालगृह शिशु में तीन माह की मासूम ने तोड़ा दम, कर्मचारियों की लापरवाही से लगी थी ठंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 21 Mar 2018 04:20 PM IST
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राजकीय बालगृह शिशु
- फोटो : amar ujala
राजकीय बालगृह शिशु की लापरवाही से बुधवार को एक और मासूम की मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर उसे झलकारी बाई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार मिलने से पहले ही वह दम तोड़ चुकी थी। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची को अगर समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। जबकि उधर, बालगृह शिशु के जिम्मेदार इस आरोप को गलत ठहराते हुए बीमारी से बच्ची की मौत बता रहे हैं।
प्रयाग नारायण रोड स्थित बालगृह शिशु के दत्तक गृह में मिर्जापुर से 24 फरवरी को आए आठ नवजात बच्चों में तीन माह की मासूम भी थी। बालगृह शिशु के कर्मचारियों की लापरवाही से उसे ठंड लग गई। बुधवार सुबह आननफानन में उसे झलकारीबाई अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बालगृह की अधीक्षिका मंजु वर्मा का कहना है कि बच्ची लंबे समय से बीमार थी। संस्था में लगातार उपचार जारी है लेकिन सुबह अचानक तबियत बिगड़ने से सिविल अस्तपत भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर पांडेय का कहना है कि नवजात तीन माह की थी। उसे शुरू से ही ठंड का असर था।
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प्रयाग नारायण रोड स्थित बालगृह शिशु के दत्तक गृह में मिर्जापुर से 24 फरवरी को आए आठ नवजात बच्चों में तीन माह की मासूम भी थी। बालगृह शिशु के कर्मचारियों की लापरवाही से उसे ठंड लग गई। बुधवार सुबह आननफानन में उसे झलकारीबाई अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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बालगृह की अधीक्षिका मंजु वर्मा का कहना है कि बच्ची लंबे समय से बीमार थी। संस्था में लगातार उपचार जारी है लेकिन सुबह अचानक तबियत बिगड़ने से सिविल अस्तपत भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर पांडेय का कहना है कि नवजात तीन माह की थी। उसे शुरू से ही ठंड का असर था।
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दत्तक गृह में क्षमता से अधिक हैं बच्चे
राजकीय बालगृह शिशु
- फोटो : amar ujala
राजकीय बालगृह शिशु में दस नवजात बच्चों के रखने की सीमा है लेकिन यहां 31 बच्चे हैं। इसमें आठ नवजात बच्चे मिर्जापुर बालगृह के दत्तकगृह के हैं। माना जा रहा है कि क्षमता से अधिक नवजात बच्चों की सीमा बढ़ने से बच्चों की देखरेख में कमी रह गई।
बालगृह शिशु में मीडिया पर लगाई पाबंदी
नवजात की मौत की खबर फैलने से राजकीय बालगृह शिशु की अधीक्षिका मंजू वर्मा ने मीडिया को बालगृह में आने न देने का फरमान जारी कर दिया। इससे यहां तैनात गार्ड ने मीडिया कर्मियों को बालगृह में अंदर जाने नहीं दिया।
स्टाफ डॉक्टर व नर्स पर लापरवाही का आरोप
बालगृह के डॉक्टरों द्वारा समय पर जांच न करने की बात सामने आई है। साथ ही, नर्स द्वारा नवजात बच्चों की सही देखभाल न का आरोप है। महिला कल्याण विभाग के तैनात डॉ. सुदर्शन का कहना है कि यह आरोप गलत हैं। समय पर जांच व उपचार दिया जा रहा है।
बालगृह शिशु में मीडिया पर लगाई पाबंदी
नवजात की मौत की खबर फैलने से राजकीय बालगृह शिशु की अधीक्षिका मंजू वर्मा ने मीडिया को बालगृह में आने न देने का फरमान जारी कर दिया। इससे यहां तैनात गार्ड ने मीडिया कर्मियों को बालगृह में अंदर जाने नहीं दिया।
स्टाफ डॉक्टर व नर्स पर लापरवाही का आरोप
बालगृह के डॉक्टरों द्वारा समय पर जांच न करने की बात सामने आई है। साथ ही, नर्स द्वारा नवजात बच्चों की सही देखभाल न का आरोप है। महिला कल्याण विभाग के तैनात डॉ. सुदर्शन का कहना है कि यह आरोप गलत हैं। समय पर जांच व उपचार दिया जा रहा है।