एनआरएचएम घोटाले में मेरी कोई भूमिका नहीं: कुशवाहा
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‘जेल का ताला टूटा है, शेर हमारा छूटा है’ जैसे नारों और जोरदार आतिशबाजी के बीच एनआरएचएम घोटाले के आरोपी व पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा जेल से रिहाई के बाद रविवार को पहली बार राजधानी पहुंचे।
उन्होंने एनआरएचम घोटाले में अपनी भूमिका होने से इन्कार किया। कहा, मैं राजनीतिक साजिश का शिकार हुआ हूं। कुछ लोगों को बचाने के लिए मुझे बलि का बकरा बनाया गया। वह कहते हैं, मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है।
अगला राजनीतिक फैसला अपने साथियों से विचार-विमर्श के बाद करेंगे। रविवार शाम कसमांडा हाउस स्थित अपने कार्यालय पहुंचे कुशवाहा ने भविष्य की राजनीति का साफ संकेत तो नहीं दिया लेकिन कार्यकर्ताओं को 2017 की तैयारियों में जुटने का संदेश जरूर दिया है। पेश है, उनसे बातचीत के अंश-
चार साल बाद घर आया हूं, कुछ सोचने-समझने दीजिए
प्रश्न- चार साल बाद आपकी रिहाई पर प्रतिक्रिया ?
जवाब- न्यायालय का धन्यवाद कि हमारी बात सुनी, जमानत मंजूर की।
प्रश्न- जिन आरोपों को लेकर आप जेल में रहे, उन पर क्या कहेंगे ?
जवाब- एनआरएचएम घोटाले में मेरी कोई भूमिका नहीं है। कुछ लोगों को बचाने के लिए मुझे बलि का बकरा बनाया गया। मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश हुई है। इससे ज्यादा नहीं कहूंगा?
प्रश्न- अगला राजनीतिक कदम क्या होगा ? सपा से रिश्ते बरकरार रहेंगे या भाजपा की मदद करेंगे ?
जवाब- चार साल बाद मैं आज ही आया हूं। अभी तक घर भी नहीं गया हूं। कुछ दिन आजादी की सांस ले लूं। अभी सोचने-समझने दीजिए। अपने साथियों, समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद ही राजनीतिक फैसला करूंगा।
मायावती को लेकर कुछ कहेंगे?
प्रश्न- क्या बसपा से कोई बातचीत चल रही है? मायावती को लेकर कुछ कहेंगे ?
जवाब- मुझे कुछ नहीं कहना है।
प्रश्न- गाजियाबाद से लखनऊ तक स्वागत में काफी लोग उमड़े, उनके लिए क्या संदेश है ?
जवाब- कार्यकर्ता अभी से 2017 के चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। अपने गुस्से व आक्रोश को वोट के जरिये जाहिर करें।
प्रश्न -क्या जन अधिकार मंच में सक्रिय रहेंगे ?
जवाब- साथियों ने जन अधिकार मंच बनाया है। मैं उनके साथ काम करूंगा। सबसे पहले परिवार और साथियों के साथ विचार-विमर्श करूंगा।
प्रश्न- एनआरएचएम घोटाले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप शुक्ला की पहले रिहाई हो गई थी, आपकी अब हुई है। क्या आपको लगता है कि नौकरशाह ज्यादा होशियार हैं ?
जवाब- मुझसे सवाल पूछने के बजाय आप यह बात लिखिए। मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है।