बाबा की 'पीएम' सियासत...मेरे दो अनमोल रतन
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योग गुरु बाबा रामदेव ने लखनऊ से भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह को जिताने का आह्वान किया है।
काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम की सफलता के लिए उन्होंने इसे जरूरी बताया।
उन्होंने कांग्रेस को अवसादग्रस्त पार्टी बताते हुए कहा कि चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
अगली सरकार नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बनेगी, जिसे राजनाथ सिंह ताकत देंगे।
केंद्र की चाभी लखनऊ से होकर जाती है
बाबा रामदेव ने राजनाथ सिंह के बेटे और भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह की मौजूदगी में शनिवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए भाजपा को सत्ता में लाना जरूरी है।
लखनऊ से भाजपा प्रत्याशी के जीतने पर अगली केंद्र सरकार की चाभी यहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ उनकी मुहिम का सबसे पहले लिखित समर्थन राजनाथ सिंह ने किया।
भाजपा की सरकार बनने पर वे देश हित में कड़े फैसले लेंगे। यही वजह है कि भाजपा प्रत्याशी के समर्थन का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद केंद्र में स्पष्ट बहुमत वाली सरकार ही बनेगी।
सोनिया भारत लूटकर इटली का मायका भर रही हैं
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि सोनिया गांधी ऐसी बहू हैं, जो अपने मायके इटली का खजाना भर रही हैं। भारत में ज्यादातर बड़े घोटालों के तार इटली से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 50-60 सीटों पर सिमट जाएगी। अगर राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी उतार दिए जाएं तो ये दोनों भी हार जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आतंकी भटकल से कथित संबंधों की वजह से चर्चा में आए जद यू के सांसद साबिर अली को भाजपा में शामिल करना गलत है। आरएसएस भी भाजपा के इस फैसले का विरोध कर चुका है।
यह दूसरी आजादी की लड़ाई है
बागपत में नरेंद्र मोदी के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में कमल के फूल के उपयोग और भाजपा के चुनाव चिह्न कमल के बाबत दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि यह लड़ाई भी दूसरी आजादी की लड़ाई है।
इसलिए वे मोदी के बयान का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।
विपक्षी नेताओं की ओर से भाजपा नेताओं पर अनर्गल आरोप लगाने के बारे में उनका कहना था कि राजनीति में सिद्धांतों की लड़ाई होनी चाहिए, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
हो सकता है एनडीए का विस्तार
बाबा रामदेव इशारों ही इशारों में राजनाथ सिंह के लिए बहुत कुछ कह गए।
मसलन, अगर चुनाव बाद प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी को आगे करके जरूरी बहुमत जुटाने में दिक्कत आई तो राजनाथ सिंह भी विकल्प हो सकते हैं।
यूं तो राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा पहले से ही है। विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव बाद सरकार बनाने को जरूरी बहुमत जुटाने के लिए एनडीए के दायरे का विस्तार करना होगा।
यह तभी संभव हो पाएगा, जब प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के अलावा किसी और को आगे किया जाए।
मेरे लिए दोनों ही तारे हैं
बाबा रामदेव से जब यह सवाल पूछा गया कि प्रधानमंत्री पद के लिए राजनाथ और नरेंद्र मोदी में किसे ज्यादा योग्य मानते हैं।
उनका जवाब था कि ये दोनों ही नेता उनकी आंखों के तारे हैं। दोनों को ही वह बहुत प्यार करते हैं।
ये दोनों नेता देश हित के एजेंडे को लागू करने में सक्षम हैं। इसलिए किसी एक का नाम लेना उचित नहीं होगा।
बाबा का यह बयान सुन वहां मौजूद राजनाथ समर्थक प्रफुल्लित हो गए। एक नेता ने कह ही दिया कि बाबा किनारा मिलने का इशारा कर ही गए।