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लखनऊ यूनिवर्सिटी से करिए चार वर्षीय बीएलएड कोर्स, ये है फीस और अन्य जानकारी

Mon, 21 Aug 2017 05:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 21 Aug 2017 05:51 PM IST
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B.L.ED course duration is four year
ऑनलाइन - फोटो : source

लखनऊ विश्वविद्यालय में इस साल से शुरू हो रहे बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजूकेशन (बीएलएड) पाठ्यक्रम की कुल फीस एक लाख रुपये होगी।

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चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए पहले साल 40 हजार रुपये और बाकी तीन साल में 20-20 हजार रुपये फीस लिया जाना प्रस्तावित है। बीएलएड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी हो चुका है।
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इसकी काउंसिलिंग इसी सप्ताह से प्रस्तावित है। विवि में सोमवार को होने वाली बैठक में इसका विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम इस साल से राजधानी के 13 डिग्री कॉलेजों में शुरू हुआ है।
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हर कॉलेज में 50 सीटें हैं। 13 अगस्त को हुई इसकी प्रवेश परीक्षा में कुल पंजीकृत 6,210 में से 4,773 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। कुल 650 अभ्यर्थियों को इस कोर्स में प्रवेश मिल सकेगा।

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) ने बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (बीटीसी) पाठ्यक्रम समाप्त करके उसके स्थान पर डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) को मंजूरी दी है।

यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम स्नातक के बाद होता है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने इसका इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम  बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजूकेशन (बीएलएड) शुरू किया है। इस चार वर्षीय पाठ्यक्रम में दाखिला 12वीं के बाद ही दिया जाएगा।

इंटीग्रेटेड कोर्स होने की वजह से इसमें स्नातक की डिग्री के साथ ही एलीमेंट्री एजूकेशन टीचिंग का प्रमाणपत्र भी मिल जाएगा। एनसीटीई ने विवि के साथ ही डिग्री कॉलेजों को भी यह कोर्स संचालित करने की अनुमति दी है।

शर्त यह है कि डिग्री कॉलेजों के दाखिले विवि में केंद्रीकृत प्रणाली के आधार पर होंगे। इसकी फीस भी विवि को तय करनी है। लविवि परिसर में अभी इस कोर्स की शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन 13 डिग्री कॉलेजों को बीएलएड की मान्यता मिल चुकी है।

प्रवेश परीक्षा के बाद अब इनमें दाखिले के लिए काउंसिलिंग होनी है। इस संबंध में लविवि के शिक्षा संकाय में डिग्री कॉलेज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होनी है। बैठक में एक लाख रुपये फीस चार साल में किस तरह से ली जाएगी और काउंसिलिंग पर भी निर्णय होगा।

निर्धारित से ज्यादा फीस नहीं ले सकेंगे कॉलेज

यह पाठ्यक्रम भले ही कॉलेजों में चलेगा पर इसकी निगरानी पूरी तरह से विवि के हाथ में होगी। एमपीएड, बीपीएड और एमएड पाठ्यक्रम की तरह बीएलएड में भी स्टूडेंट्स को कॉलेज आवंटन विश्वविद्यालय ही करेगा। कॉलेज स्टूडेंट्स से विवि की ओर से तय की गई निर्धारित फीस से ज्यादा नहीं ले सकेंगे। इससे ज्यादा फीस लेने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकतम छह साल में पूरा करना होगा कोर्स
बीएलएड पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के बाद अधिकतम छह साल में कोर्स पूरा करना होगा। थ्योरी क्लास के साथ ही इंटर्नशिप भी अनिवार्य होगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए थ्योरी में न्यूनतम 80 फीसदी और प्रैक्टिकल में 90 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी।

साल में कम से कम 200 दिन कक्षाएं चलेंगी तथा हर सप्ताह में कम से कम 36 घंटे पढ़ाई करानी होगी। अंतिम दो वर्ष में थ्योरी के साथ ही इंटर्नशिप भी करनी होगी। इनमें तीसरे साल में चार सप्ताह और पांचवें साल 16 सप्ताह की इंटर्नशिप शामिल है। स्टूडेंट्स को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा।

लविवि परिसर में अगले साल से शुरू होगी पढ़ाई

कॉलेजों में यह पाठ्यक्रम इसी साल से जबकि विवि परिसर में अगले साल से शुरू होगा। विवि ने इस साल भालचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड मैनेजमेंट, रजत वुमेन्स कॉलेज ऑफ एजूकेशन एंड मैनेजमेंट, बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजूकेशन, सिटी कॉलेज, रजत डिग्री कॉलेज, सिटी वुमेन्स कॉलेज, स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज, लाला महादेव प्रसाद डिग्री कॉलेज, महावीर प्रसाद महिला महाविद्यालय और इरम गर्ल्स डिग्री कॉलेज हबीबपुर इंदिरानगर को मान्यता जारी की गई है।

40 फीसदी नंबर पर होंगे पास
पाठ्यक्रम में दाखिले के बाद अभ्यर्थी का मूल्यांकन वार्षिक परीक्षा के आधार पर होगा। इसके साथ ही आंतरिक मूल्यांकन भी होगा। आंतरिक मूल्यांकन में 20 फीसदी नंबर शिक्षकों के हाथ में होंगे। कोर्स में पास होने के लिए अभ्यर्थी को हर पेपर में कम से कम 36 फीसदी नंबर लाने होंगे। इंटरनल और प्रैक्टिकल में पास होने के लिए अलग-अलग न्यूनतम 40 फीसदी नंबर लाने होंगे।

सभी पेपर में कुल मिलाकर 40 फीसदी नंबर लाने पर ही अभ्यर्थी को पास घोषित किया जाएगा। एक पेपर में फेल होने पर बैक पेपर इंप्रूवमेंट का मौका मिलेगा। एक से ज्यादा विषय में फेल होने पर दोबारा उसी वर्ष में पढ़ाई करनी होगी। छह साल में डिग्री न ले पाने पर दाखिला निरस्त माना जाएगा।
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