{"_id":"1e9050c763dee571fd15f9770322a3d3","slug":"b-ed-teacher-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएड वालों के शिक्षक बनने में नया पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएड वालों के शिक्षक बनने में नया पेंच
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Mon, 18 Nov 2013 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इग्नू और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं से पत्राचार के जरिए बीएड करने वालों को भी विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देने का भले ही आदेश छह महीने पहले जारी हुआ हो पर इसमें अब भी पेंच है।
विज्ञापन
नया पेंच निवास प्रमाण पत्र को लेकर फंस गया है।
वर्ष 2004 में विशिष्ट बीटीसी के लिए आवेदन करने वाली कई महिला आवेदक ऐसी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और उनका निवास बदल चुका है।
इसलिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर ऐसे आवेदकों के प्रमाण पत्रों का मिलान नहीं किया गया।
मांगी गई है इजाजत
इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह कहते हैं कि शासन से इस संबंध में अनुमति मांगी गई है और जैसे ही निर्णय होगा ऐसे लोगों के प्रमाण पत्रों का मिलान करने के बाद प्रशिक्षण में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए बीएड वालों को विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
विज्ञापन
वर्ष 2004 में भी विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसमें पत्राचार बीएड करने वालों को शामिल होने से रोक दिया गया। तब उन्होंने हाईकोर्ट इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया, तो फैसला इनके पक्ष में हुआ।
इसके बाद एससीईआरटी ने आवेदन फार्म जमा करने की तारीख बढ़ा कर पत्राचार से बीएड करने वालों से भी आवेदन लिए लेकिन एससीईआरटी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद हाईकोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया। एससीईआरटी ने इसके बाद पत्राचार से बीएड करने वालों को चयन प्रक्रिया से अलग कर दिया लेकिन जो मेरिट जारी की गई उसमें करीब 1500 ऐसे डिग्रीधारक आ रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पत्राचार डिग्रीधारकों ने सुप्रीम कोर्ट के दो जजों वाली बेंच में चुनौती दी। इस बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मेरिट में आने वाले पत्राचार डिग्रीधारकों को भी विशिष्ट बीटीसी का छह माह का प्रशिक्षण दिया जाए।
उस समय इस पर न्याय विभाग से राय भी ली गई लेकिन पत्राचार बीएड वालों को विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2013 में पुन: आदेश दिया कि पत्राचार बीएड वालों को भी प्रशिक्षण दिया जाए।
इसके आधार पर शासन ने जून 2013 में एससीईआरटी निदेशक को आदेश दिया कि 2004 में आवेदन करने वालों का प्रशिक्षण शुरू कराया जाए। एससीईआरटी ने इस आदेश के आधार पर प्रमाण पत्रों का मिलान शुरू कराया है।