आजम खां ने वापस मांगे दिए गए सारे गिफ्ट!
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी द्वारा गिफ्ट लौटाने पर वरिष्ठ काबीना मंत्री आजम खां ने उन्हें पूर्व में दिए गए उपहार भी वापस मांग लिए हैं। वाजपेयी को चिट्ठी लिखकर आजम ने कहा है, आपको इस बार का उपहार नागवार लगा है तो पूर्व के उपहार भी कार्यालय में भिजवा दें।
विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री की हैसियत से आजम खां ने सभी विधायकों को स्ट्रॉली बैग गिफ्ट में दिए थे। इसमें उन्होंने झाड़ू और एक खत भी रखा था। डॉ. वाजपेयी ने यह गिफ्ट वापस भिजवा दिया था।
इस पर आजम ने गुरुवार को वाजपेयी को पत्र लिखकर कहा है कि वे पूर्व में भी स्नेह के साथ कोई न कोई उपहार देते रहे हैं, जिन्हें वे स्वीकार करते रहे हैं।
उन्हें नहीं मालूम कि इस बार गिफ्ट लौटाने के पीछे क्या वजह है, लेकिन यह स्पष्ट हो रहा है कि पूर्व में भेजे गए उपहार भी उन्हें स्वीकार्य नहीं रहे होंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने इस तरह दिया जवाब
आजम ने वाजपेयी से कहा है कि वे अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इस बिना पर उन्हें महसूस हो रहा है कि उनकी पार्टी के अन्य सदस्यों को भी ये उपहार स्वीकार्य नहीं होंगे। वे भी इन्हें लौटाना चाहते होंगे।
शिष्टाचार कहता है कि सप्रेम भेजे गए उपहार को स्वीकार कर उसके बदले में उपहार ही दिया जाए। यदि उन्हें उपहार नागवार लगा है तो पिछले उपहार भी नागवार गुजरे होंगे लेकिन मजबूरी या संकोचवश रख लिए गए होंगे।
वे मानते हैं कि सभी द्वारा लिए उपहार वापस ही करना है तो पूर्व के उपहारों की सूची बनाकर उनके कार्यालय को रिसीव करा दें।
उपहार देने का कोई अवसर नहीं था : वाजपेयी
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि उन्हें आजम खां की ओर से यह पहला उपहार मिला था। उपहार उन्हें नागवार नहीं गुजरा, बल्कि उन्होंने इसे विनम्रतापूर्वक वापस किया है।
उपहार देने या लेने का एक अवसर होता है, उसका कोई प्रयोजन होता है। अभी गिफ्ट देने का न तो कोई प्रयोजन था और न ही अवसर। इसलिए वापस कर दिया।