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ये क्या दिन आ गए आजम खां के!
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
Updated Sat, 09 Nov 2013 08:18 AM IST
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नगर विकास मंत्री आजम खां के बागी स्टाफ के स्थान पर शासन ने शुक्रवार को एक अपर निजी सचिव की तैनाती की।
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इस एक तैनाती में प्रशासन को 12 दिन लगा। मंत्री के साथ इसके पहले दो निजी सचिव और पांच अपर निजी सचिव तैनात थे।
उधर, बगावत को लेकर आरोप पत्र पाने वाले कर्मियों के जवाब पर लोगों की निगाहें टिक गई हैं।
बीते 28 अक्तूबर को मंत्री पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए बागी रुख अख्तियार करने वाले दो निजी सचिव व पांच अपर निजी सचिव की सेंट्रल पूल में तैनाती के बाद अंदाजा था कि शासन जल्द ही उनके स्थान पर आवश्यक कर्मियों की तैनाती कर देगा।
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बताया जाता है कि आम तौर पर मंत्रियों के साथ सचिवालय प्रशासन से एक निजी सचिव व तीन अपर निजी सचिवों की तैनाती की जाती है मगर आजम के साथ सात लोगों की तैनाती थी।
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इन सात लोगों के स्थान पर सचिवालय प्रशासन ने शुक्रवार को सिर्फ एक तैनाती का आदेश किया। अरुण प्रकाश को आजम का नया अपर निजी सचिव बनाया गया है।
हालांकि, अभी उन्होंने अपना नया पदभार नहीं संभाला है। सचिवालय प्रशासन विभाग के अफसरों का कहना है कि सोमवार तक अन्य अपर निजी सचिव व निजी सचिव की भी तैनाती हो जाएगी।
मगर अकेले निजी सचिव की तैनाती के बाद इस बात की चर्चा सरगर्म है कि मंत्री के साथ काम के लिए निजी सचिव व अपर निजी सचिवों को मनाने में सचिवालय प्रशासन विभाग को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
अधिकारियों को अंदेशा है कि जबर्दस्ती तैनाती पर लोग ज्वाइन करने के बाद मना कर सकते हैं। ऐसे में कर्मियों से बात करके ही तैनाती की जा रही है।
उधर, सचिवालय प्रशासन ने बागी स्टाफ व सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र के इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर दिए गए बयान व प्रिंट मीडिया में आई खबरों का रिकॉर्ड जुटा लिया है।
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अब आगे इनके खिलाफ किस तरह कार्रवाई की जानी है, यह बागी स्टाफ को दिए गए आरोप पत्र पर आने वाले जवाब को ध्यान में रखकर किए जाने के संकेत हैं।
जानकारी के अनुसार निजी सचिवों व अपर निजी सचिवों को 15 दिन में आरोप पत्र का जवाब देना है। गुरुवार को जिस तरह से बागी स्टाफ को बुलाकर आरोप पत्र थमाया गया था उससे कर्मचारी यह अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं कि शासन का रुख उनके प्रति नरम है या गरम?