बौराए आजम, मुस्लिम धर्मगुरु को बताया आतंकी
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अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां ने मंगलवार को शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद का नाम लिए बगैर उनपर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ढोंगी धर्मगुरु ने ईराक के लिए जो शहीदी जत्थे तैयार किए थे उससे यह साबित हो गया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के आतंकवादी हैं।
आजम बोले, गृहयुद्घ चाहते हैं जव्वाद
आजम ने कहा कि धर्मगुरु उत्तर प्रदेश में आरएसएस के साथ मिलकर गृह युद्ध कराने का मंसूबा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव नतीजे ‘अलीबाबा’ को उसकी असलियत बता देंगे।
धर्मगुरु ने अपने भाजपाई आकाओं व आरएसएस के आशीर्वाद से कुछ दिनों के लिए ऑक्सीजन जरूर पा ली है, लेकिन चुनाव टलवाने का हथकंडा ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है।
गौरतलब है कि शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव टल जाने से आजम खां बेहद नाराज हैं। उल्लेखनीय है मुलायम सिंह से जव्वाद की मुलाकात के बाद ही चुनाव टल गए थे जिसके बाद से आजम जव्वाद पर खुलकर निशाना साध रहे हैं।
पहले लगाया था लूट का आरोप
इससे पहले आजम ने मौलाना जव्वाद पर वक्फ की सम्पत्ति लूटने का आरोप लगाया था, उन्होंने कहा था कि वक्फ की जायदाद लूटने वालों को सर उठाकर चलने की इजाजत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे समाज के सामने मैं इनकी असलियत को खोलकर रख दूंगा।
आजम खां ने बयान में कहा था कि कब्रों को बेचने वाले और चार-चार मस्जिदों को शहीद कर उसकी जमीन की प्लाटिंग कर बेचने वाले अल्लाह के भी मुजरिम हैं।
मौलाना मोदी समर्थक
आजम ने अपने बयान में जव्वाद से पूछा था कि नागपुर में आरएसएस कार्यालय से तैयार किया हुआ प्रेस रिलीज जारी करने वाले फासिस्ट बताएं कि मोदी नर है तो क्या डर है, किसने कहा था? किसने कहा था कि भाजपा को वोट देने के सिवा और कोई रास्ता नहीं है।
उन्होंने वक्फ बोर्ड के चुनाव के बारे में हमलावर लहजे में कहा था कि मैं दावत देना चाहता हूं कि खुद ढोंगी लोग मैदान में आएं और कहें कि चुनाव कराए जाएं। ताकि उन्हें भी अपनी असलियत का पता है। आरएस एस के एजेंट हमें समाजवाद न समझाएं तो बेहतर होगा।