'जौहर विवि के विरोधी, मुस्लिम विरोधी'
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जौहर विश्वविद्यालय पर तालिबान का पैसा लगा होने के शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद के आरोपों का अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शनिवार को जवाब दिया।
आजम ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एकता की अनमोल धरोहर है। इसका विरोध वहीं लोग कर रहे हैं जिन लोगों का इस विश्वविद्यालय में किसी तरह का कोई योगदान नहीं है।
विश्वविद्यालय का विरोध करने वाले समाज विरोधी, लोकतंत्र विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी हैं। फासिस्ट ताकतें विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचा रही हैं।
जव्वाद ने जौहर विश्वविद्यालय पर ये कहा
शिया धर्मगुरू कल्बे जव्वाद ने प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां पर करारा प्रहार करते हुए कहा था कि आजम की जौहर यूनीवर्सिटी में तालिबानियों का पैसा लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में सारा सच सामने आ जाएगा।
मौलाना ने यह भी कहा कि आजम इसी बात को लेकर बौखलाए हुए हैं। सीबीआई जांच हुई तो सच सामने आ जाएगा।
जव्वाद ने ये बातें बृहस्पतिवार को आयाजित प्रेस वार्ता में कही। गौरतलब है कि इन दिनों आजम और जव्वाद में शब्द युद्घ अपने चरम पर है।
आजम ने भी तो नहीं बख्शा
कल्बे जव्वाद के बयान कारण आजम के उकसावे को माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आजम ने जव्वाद के बारे में कहा था कि ढोंगी धर्मगुरु ने ईराक के लिए जो शहीदी जत्थे तैयार किए थे उससे यह साबित हो गया है कि वे राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के आतंकवादी हैं।
जिसके बाद दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। आजम की बयानबाजी से परेशान होकर ही मौलाना जव्वाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से भी मुलाकात कर चुके हैं।
आजम शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव टल जाने से बेहद नाराज हैं। यहां तक कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इंतजार करा अपनी नाराजगी जाहिर की।