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'भाजपा व संघ का मकसद भारत को 2022-23 तक हिंदू राष्ट्र बनाना'

Mon, 05 Oct 2015 09:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 05 Oct 2015 09:28 PM IST
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Azam Khan writes a letter to UN.

सपा के राष्ट्रीय महासचिव और नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खान ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव को पत्र लिखकर भारत को हिंदू राष्ट्र में तब्दील करने की कोशिशों पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि भारत सरकार को आरएसएस के एजेंडे पर अमल करने से रोका जाए।

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उन्होंने कहा है कि देश के मुसलमान खौफ में हैं। बिसाहड़ा कांड के जरिये मुसलमानों को मारने की बड़ी साजिश रची गई थी, जो समय रहते बेनकाब हो गई। दादरी क्षेत्र को दिल्ली के करीब होने के कारण घटना के लिए चुना गया। रविवार की रात को उसी क्षेत्र में एक और वारदात से साफ हो गया कि हालात बिगाड़ने की पूरी तैयारी थी।
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आजम खान ने सोमवार को राजधानी स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूएन महासचिव को भेजा गया पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि नई सरकार आने के बाद मुस्लिमों के साथ गलत सुलूक हो रहा है। उनके प्रति गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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यूएन को भेजे पत्र में आजम ने क्या-क्या कहा

Azam Khan writes a letter to UN.

हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश
आजम ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार संविधान के बजाय आरएसएस और उसके 40 अन्य संगठनों के दिशा निर्देश पर काम कर रही है। केंद्र के अधिकतर मंत्री संघ से जुड़े हुए हैं। इनका लक्ष्य 2022-23 तक भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है।

पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात दंगों में संदेह के दायरे में हैं। उनके पीएम बनने के बाद मुसलमानों और ईसाइयों में भय बढ़ गया है।

यूएन इस मामले में दखल दे

आजम ने कहा कि उन्हें भारतीय होने का गर्व है, लेकिन यूएन भारत सरकार पर दबाव बनाए कि वह अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन करे और देश में सेक्युलरिज्म और बहुलतावाद को फलने-फूलने दे।

दादरी की घटना संघ की देन

Azam Khan writes a letter to UN.

आजम ने कहा, ‘बीफ’ खाने के शक में एक बुजुर्ग मुसलमान की हत्या की पुलिस जांच अभी चल रही है। लेकिन, घटना को लेकर संघ और उसके संगठनों के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मजबूरी में गए यूएन

आजम ने कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र इसलिए गए क्योंकि वे जानते हैं कि जब देश के कानून से इंसाफ नहीं मिल रहा तो दुनिया के कानून क्या इंसाफ देंगे? यूएन जाने का फैसला मजबूर कौम की मजबूरी इजहार करने का तरीका है।

उन्होंने कहा, हमें 6 दिसंबर 1992 की तारीख याद है। हाईकोर्ट से बाबरी मस्जिद पर यथास्थिति का स्टे था, तत्कालीन मुख्यमंत्री ने हलफनामा दिया था कि कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, राष्ट्रीय एकता परिषद में भी इसका प्रस्ताव पारित हुआ था, फिर भी बाबरी मस्जिद की शहादत हुई। यह एक इमारत या इबादतगाह टूटने से ज्यादा भरोसा टूटने की बात थी।

90 फीसदी स्लॉटर हाउस भाजपा से जुड़े लोगों के

Azam Khan writes a letter to UN.

आजम ने आरोप लगाया कि 90 फीसदी पशुवधशालाएं (स्लॉटर हाउस) भाजपा से जुड़े लोगों के हैं। जैन ब्रदर्स की अल कबीर कंपनी 90 फीसदी प्रतिबंधित मांस की सप्लाई करती है। भाजपा विधायक संगीत सोम की भी इसमें हिस्सेदारी है।

बंद होने चाहिए स्लॉटर हाउस

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गाय ही नहीं, सभी पशुओं के वध पर रोक लगनी चाहिए, स्लाटर हाउस बंद होने चाहिए। यह ठीक नहीं है कि इस शक के आधार पर किसी का कत्ल कर दिया जाए कि उसके पेट में गाय का मांस (बीफ) है।

बिहार चुनाव का एजेंडा बदला
आजम ने अंदेशा जताया कि बिहार चुनाव के चलते बिसाहड़ा गांव की घटना जैसे और भी हादसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि दादरी की घटना ने बिहार चुनाव का एजेंडा बदल दिया है। अब सब कुछ बीफ पर केंद्रित हो गया है।

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