मदरसों में अनुदान का मुद्दा आजम के हवाले
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प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां अब खुद मदरसा अनुदान में घपले की शिकायत सुनेंगे। इसके लिए आजम ने 30 जून को विधानसभा में एक बैठक बुलाई है। इसमें मदरसा की सभी एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिवों को बुलाया गया है।
दरअसल, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग ने मदरसों को अनुदान देने के लिए हाल ही में 93 मदरसों का चयन किया है। वहीं करीब 100 से अधिक मदरसों के प्रस्ताव विभाग के अफसरों ने किसी न किसी कमी के कारण खारिज कर दिए।
19 मई 2015 की कैबिनेट बैठक में इन 93 मदरसों को अनुदान सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है। लेकिन अभी तक इसका शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
लगाया गड़बड़ी का आरोप
वहीं, मदरसा एसोसिएशन ने मदरसों के चयन में गड़बड़ी के आरोप लगा दिए। आजम खां को लिखित भी की गई। इसी के बाद मंत्री ने सबसे पहले इस काम में लगे सभी अफसरों को हटा दिया और मामले की जांच वक्फ ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष को सौंप दी।
इसी बीच आजम खां ने सभी मदरसा प्रबंधक एसोसिएशन की बैठक 30 जून को बुलाई है। वे सभी से इस बारे में विस्तार से बात करेंगे। दरअसल, मदरसा प्रबंधक एसोसिएशन का एक गुट चाहता है कि जल्द से जल्द अनुदान में शामिल 93 मदरसों का शासनादेश जारी हो जाए।
जबकि दूसरा गुट इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इस प्रक्रिया को ही निरस्त करने की मांग कर रहा है।
ऐसी स्थिति में अब मंत्री खुद इस प्रकरण में पड़ गए हैं। वे इस मसले पर कोई भी कदम उठाने से पहले इस मसले की तह तक जाने का प्रयास कर रहे हैं।