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मायावती के स्मारकों पर आजम ने बोला 'हमला'

Wed, 18 Mar 2015 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Wed, 18 Mar 2015 09:47 AM IST
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Azam khan speaks against mayawati goverment

मायावती के शासनकाल में राजधानी में अंबेडकर, कांशीराम व अन्य दलित महापुरुषों के नाम पर बनवाए स्मारकों को लेकर मंगलवार को विधानसभा में बसपा व सत्ता पक्ष में तीखी झड़प हुई।

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संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने बसपा की खिंचाई करते हुए कहा कि स्मारकों को देखकर लगता है कि दौर-ए-बादशाहत आ गया है। मुगल बादशाहों के पैटर्न पर बेशकीमती इमारतें बनी हैं। खजाना खाली हो गया।
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स्मारकों में उन गरीबों की मेहनत से कीमती ग्रेनाइट व पीतल लगा है, जिनके पास खाने को रोटी नहीं है। आजम ने स्मारकों को लेकर बसपा पर तंज कसा तो पार्टी के सदस्य आग बबूला हो गए व वेल में आकर हंगामा करने लगे। बाद में उन्होंने सदन से बहिर्गमन किया।
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शून्य प्रहर में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने काम रोको प्रस्ताव के जरिये बसपा शासनकाल में बनवाए गए स्मारकों की उपेक्षा और उनका रख-रखाव न किए जाने का मामला उठाया। उनका कहना था कि अंबेडकर स्मारक में अंधेरा रहता है जिससे देखने आने वालों को असुविधा होती है।

ये राज्य सरकार की संपत्ति हैं न कि बसपा या किसी व्यक्ति विशेष की। राजनीतिक कुंठा के चलते राज्य सरकार अपनी ही संपत्ति की उपेक्षा कर रही है। 

'चुनाव नजदीक हैं गलत लांछन न लगाएं'

Azam khan speaks against mayawati goverment

आजम ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये महापुरुष सपा के लिए भी उतने ही सम्माननीय हैं जितने बसपा या अन्य किसी देशवासी के लिए। महापुरुषों को अपमानित करने का कोई भाव नहीं है। इसका रख-रखाव सरकार की जिम्मेदारी है।

मौर्य ने कहा कि जिन समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया, उनके निदान के बारे में मंत्री ने कुछ नहीं कहा। इस पर आजम फूट पड़े। बोले- चुनाव नजदीक होने की वजह से गलत लांछन न लगाएं। आपसी भाईचारा को नुकसान पहुंचाकर कटुता पैदा करने की कोशिश न करें। जहां तक बिजली का सवाल है तो रुटीन फॉल्ट की वजह से गुल हो जाए तो बात दीगर है। उसे जल्द से जल्द ठीक भी कराया जाता है।  

इसके बाद इंद्रजीत सरोज ने स्मारकों की सुरक्षा का मामला उठा दिया। इस पर आजम ने बसपा की जमकर खिंचाई करते हुए कहा कि इसकी देखरेख व रखवाली की जाएगी। आजम के  कटाक्ष पर सरोज भड़क गए। बोले- दलित की बेटी ने जो किया, वह सपा को बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

आजम ने कहा, लोकतंत्र में आवाज धीमी रखी जाती है। आपकी तेज आवाज से कोई डरने वाला नहीं है। इस पर दोनों पक्षों में तीखी झड़प होने लगी। बसपा सदस्य वेल में आ गए। अध्यक्ष सदस्यों से शांत होने का आग्रह करते रहे लेकिन हंगामा चलता रहा। थोड़ी देर वेल में हंगामा करने के बाद बसपा के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

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