भैसों के बाद खुद को लेकर गुस्साए आजम खां
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आजम खां ने अपनी सुरक्षा में लगे नौ सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया है। आजम के अनुसार उन्होंने सुरक्षा में चूक की थी। आजम खां ऐसा कर सकते हैं। जब वह अपने भैसों के न मिलने पर पुलिस को लाइन हाजिर कर सकते हैं तो फिर वह अपनी सुरक्षा में हुई चूक को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं।
आजम खां की सुरक्षा में तैनात नौ सिपाहियों को हटा दिया गया है। उनके बदले में नौ नए सिपाहियों को लखनऊ रवाना कर दिया गया है। सिपाहियों को हटाए जाने की वजह फ्लीट का पीछे छूट जाना बताया जाता है।
नगर विकास मंत्री आजम खां को सोमवार रात पदमावत एक्सप्रेस से लखनऊ जाना था। वो बिलासपुर में एक शादी समारोह में शिरकत करने गए थे।
बिलासपुर से रेलवे स्टेशन आते वक्त फ्लीट पीछे रह गई और आजम खां स्टेशन पहुंच गए। आजम खां ट्रेन में सवार हो गए और उनकी सुरक्षाकर्मी यहीं रह गए। मात्र दो सुरक्षाकर्मी रोशन लाल और सुभाष ही लखनऊ रवाना हुए।
भैंस न मिलने पर लाइन हाजिर
पिछले साल फरवरी में आजम खां की भैसें गुम हो गईं थीं। आजम खां इन बात से इतने नाराज हो गए थे कि उन्होंने कुछ पुलिस वालों वालों को लाइन हाजिर कर दिया था। पूरा पुलिस प्रशासन भैसों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गया था।
चोरी हुई सात भैंसों में से पांच भैंसे तो मिल गईं थीं लेकिन दो भैंसों के समय से न मिलने की वजह से तीन पुलिसवालों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक साधना गोस्वामी ने रात्रि गश्त में लापरवाही को कारण मानते हुए दरोगा सुनील कुमार, कांस्टेबिल अजय कुमार और विपिन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। तीनों तबेले से जुड़ी एकता तिराहा चौकी पर तैनात थे।
पुलिस के अनुसार दो भैंस भोट थाना क्षेत्र के ग्राम इंड्रा और दो थाना शहजादनगर के चमरौवा क्षेत्र से मिलीं। दो भैंस तबेले के आसपास घूमती मिलीं, जबकि एक भैंस के मंत्री के घर के करीब मुमताज पार्क के पास मिलने की बात सामने आई थी।