आजम ने राष्ट्रपति से की राज्यपाल नाईक की शिकायत
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उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री आजम खां ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर राज्यपाल राम नाईक की शिकायत की। आजम ने मुखर्जी से कहा कि वह राज्यपाल के विवादित बयानों का संज्ञान लें और इस मामले का हल निकालने की कोशिश करें।
आजम ने कहा है कि सरकार की ओर से जौहर शोध संस्थान को दी गई इमारत पर राज्यपाल ने ऐतराज जताया है। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि इस तरह के बयान उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
हम उम्मीद करते हैं कि राष्ट्रपति इस बारे में एक मजबूत फैसला सुनाकर देश में संविधान की मर्यादा, कानून की अहमियत और राज्यपाल पद की महान गरिमा का संदेश देंगे। आजम ने कहा कि राज्यपाल को गलत बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
नाईक ने समय समय पर प्रदेश सरकार के कामकाज और खासकर कानून व्यवस्था के बारे में जिस प्रकार अखबार की राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से जो आलोचना की है, वह न तो राज्यपाल का दायित्व है और न ही उनको यह शोभा देता है।
इस वजह से हुआ दोनों के बीच विवाद
आजम खां और राज्यपाल राम नाईक में मनमुटाव पिछले कई दिनों से चल रहा है। सूबे के मंत्री आजम खां और राम नाईक के बीच विवाद की वजह मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट था। इस ट्रस्ट को 100 रुपए की सालाना लीज पर आजम खां को देने पर राम नाईक ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
राम नाईक ने कहा था कि एक मंत्री के ट्रस्ट को कीमती जमीन देने पर मैं खुद सरकार से जानकारी लूंगा। राज्यपाल ने कहा था कि इस तरह सरकारी जमीन दिए जाने पर ऑडिटर जनरल जांच करते हैं। जिस ट्रस्ट को जमीन दी गई है, वह सक्षम है या नहीं? इसकी रिपोर्ट भी ऑडिटर जनरल विधानसभा के सामने रखते हैं।
इसके बाद सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खान के बयान पर टिप्पणी करने को राज्यपाल रामनाईक ने गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि आजम खान का इलाज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह ही करें।