गवर्नर हाऊस गए आजम खां, पर पानी तक नहीं पिया
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राज्यपाल राम नाईक पर गंभीर आरोप लगाने वाले सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण व नगर विकास मंत्री मो. आजम खां मंगलवार को उन्हीं के आंगन यानी राजभवन में थे। मौका था मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी के शपथ ग्रहण समारोह का। इसके बावजूद राज्यपाल से न तो उनकी दुआ-सलाम हुई और न ही उन्होंने ‘हाई टी’ में शिरकत की।
माहौल बेहद खुशनुमा था लेकिन आजम के चेहरे पर तनाव की लकीरें साफ दिख रही थीं। जैसे ही शपथ ग्रहण खत्म हुआ, आजम तेजी से सभागार से निकल गए। मीडिया ने राज्यपाल से जुड़े सवाल किए तो उन्हें टालते हुए आजम राजभवन से कूच कर गए।
उस्मानी के शपथ ग्रहण समारोह में सबकी उत्सुकता इसी को लेकर थी कि आजम आते हैं या नहीं। इसके पीछे वजह भी थी क्योंकि यह माना जा रहा है कि उस्मानी की नियुक्ति में सबसे अहम भूमिका आजम की ही रही है।
समारोह शुरू होने से करीब 10 मिनट पहले आजम राजभवन के सभागार में दाखिल हुए। उनके पहुंचते ही कैमरे के फ्लैश चमकने लगे। वे सबसे आगे की पंक्ति में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के बगल में बैठ गए। शिवपाल यादव समेत अन्य मंत्रियों ने उनका अभिवादन किया।
चुपचाप बैठे रहे आजम पर जाते-जाते किया व्यंग्य
आजम चुपचाप बैठे रहे। ठीक चार बजे राज्यपाल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ सभागार में पहुंचे। शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी हुई।
समारोह समाप्त होने की घोषणा के साथ ही सभी मंत्री व अफसर ‘हाई टी’ के लिए अन्नपूर्णा हॉल की तरफ रवाना हुए तो आजम तेजी से बाहर निकल गए। आजम के ‘हाई टी’ में शामिल न होने तथा राज्यपाल से मुलाकात किए बगैर चले जाने को लेकर मंत्रियों और अफसरों के बीच चर्चा भी होती रही।
उन्हीं के घर में खड़ा हूं, क्यों गरीब को सता रहे हो
राजभवन से निकलते समय पोर्टिको में मीडिया ने मंगलवार से शुरू हो विधानमंडल सत्र को लेकर सवाल किए।
इसके बाद जैसे ही राज्यपाल पर सवाल हुआ तो आजम ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा- ‘उनके ही घर में खड़ा हूं, क्यों गरीब को सता रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर अब कुछ कहना नहीं चाहते। इसके बाद वहां से रवाना हो गए।
नाईक भी नहीं रहे पीछे, दिया मजेदार जवाब
मीडिया ने जब राज्यपाल से पूछा कि इतने अच्छे नाश्ते आदि का इंतजाम किया गया था इसके बाद भी आजम ‘हाई टी’ में शामिल नहीं हुए?
नाईक ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप लोग उन्हें बताइएगा कि उन्होंने एक अच्छा अवसर गवां दिया।
राज्यपाल से आजम के पत्र को लेकर सवाल हुआ तो वह बोले- ‘जब उन्होंने मुझसे पहले पत्र मीडिया को जारी करके सार्वजनिक कर दिया तो इस मामले पर अब उन्हें कुछ नहीं कहना है।’