'जो बच्चे पैदा नहीं कर पाते उनके बच्चे कैसे होंगे'!
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रामपुर वाल्मीकि बस्ती विवाद पर सवाल छिड़े तो नगर विकास मंत्री आजम खां ने हमले तो बोले ही चुटकी भी ली। महंत
आदित्यनाथ समेत अन्य हिंदूवादी नेताओं द्वारा मुसलमानों सहित देश के सभी लोगों पर जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- पहले तो यह देखें कि जो लोग ऐसा कह रहे हैं उनका परिवार है कि नहीं?
उनकी पत्नी हैं कि नहीं? बच्चे हैं कि नहीं? वे पत्नी व बच्चों का सुख जानते भी हैं या नहीं? दूसरा बच्चे इतने हों...इतने न हों... इसके लिए कोई कानून बने या लोगों को एजूकेट किया जाए। इन दोनों में से किसी एक पर गौर कर लेना चाहिए।
आजम यहीं रुके। उन्होंने कहा, ये रास्ता बताने वाले यह भी बताएंगे कि जिनके बच्चे नहीं हैं उनके बच्चे कैसे पैदा होंगे? जो लोग मेडिकली अनफिट हैं, बच्चे पैदा नहीं कर पाते तो कानून में इसके लिए भी गुंजाइश होनी चाहिए कि उनके लिए क्या रास्ता होगा?
सिर्फ बच्चों पर ही बंदिश हो... पैदा ही नहीं होने देंगे, यह ठीक नहीं है। बच्चों को पैदा होने दें, उन्हें अधिकार मिले, खुशहालरहें, पढ़े-लिखें, इस पर भी तो कानून होना चाहिए।
जब देश ने तय ही कर लिया तो देश ही भुगतेगा
शिवसेना के मुसलमानों का वोटिंग राइट खत्म करने के बयान पर आजम ने कहा- अगर उन्होंने तय ही कर लिया है तो इस पर हमारी राय की जरूरत ही क्या है?
शिवसेना, महंत आदित्यनाथ व भाजपा के अन्य नेताओं द्वारा किए जा रहे हमलों पर आजम ने कहा कि यह विचारधारा का मामला है। अब देशवासियों ने कोई निर्णय किया है तो उसका परिणाम भी तो देश ही भुगतेगा।
रामपुर में विकास का दावा करते हुए आजम ने कहा कि लोगों को वहां जाकर देखना चाहिए कैसा बना दिया है। मॉडल शहर बना है। लोगों को वहां से सबक लेना चाहिए और अपनी बस्तियों को भी वैसा ही बनाना चाहिए।