आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी, भाजपा का खूनी षड्यंत्र: आजम
नगर विकास एवं संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने गुजरात में आरक्षण की मांग कर रहे पटेल आंदोलनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है। कहा, आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी भाजपा का खूनी षड्यंत्र था।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने लंबे सफर के बाद भी देश में जनरल डायर की मानसिकता जिंदा है। साथ ही आशंका जताई है कि गुजरात सरकार इस जनांदोलन को कहीं सांप्रदायिक रंग न दे दे।
आजम ने कहा, लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का हक है। पर, दमन और कूटनीति से दबाया जाना निंदनीय है। गुजरात की भाजपा सरकार को यह मालूम था कि रैली में शरीक होने वाले लोग अपने नेता की गिरफ्तारी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इसके बावजूद आंदोलन के अगुवा हार्दिक पटेल को गिरफ्तार करना आग में घी डालना जैसा था।
एक तजुर्बे को बार-बार दोहराया नहीं जा सकता
उन्होंने कहा, पटेल समाज को आरक्षण देने या न देने का निर्णय सरकार को लेना है। पर, जन आंदोलन को दबाने से साफ हो गया कि भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से चलाए जाने वाले किसी भी बड़े आंदोलन को कुचलने के लिए भाजपा पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, इस बर्बर कार्रवाई के बाद जो प्रतिक्रिया सामने आ रही है, उससे यह साबित होता है कि हर कमजोर को नहीं दबाया जा सकता।
गुजरात में कभी अपनों का नरसंहार करके सत्ता हासिल करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि एक तजुर्बे को बार-बार नहीं दोहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि गुजरात और केंद्र सरकार को चाहिए कि आंदोलनकारियों की मांगों को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाकर उनसे तुरंत वार्ता करें।