माहौल हल्का करने के बहाने ये क्या बोल गए आजम!
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रसोई गैस व डीजल-पेट्रोल की घटतौली के एक सवाल पर शुक्रवार को विधानसभा में माहौल हल्का करते हुए संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने कहा, 1980 से एमएलए हूं।
मेरा कोई पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी नहीं है। मांगा तो भी नहीं मिला। भारत सरकार ही महानुभावों को देती है।
पेट्रोल पंप पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर भी भारत सरकार ही लगवाती है। आजम ने अनुपूरक सवाल पूछने वाले डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की चुटकी लेते हुए कहा कि सदस्य अन्यथा न लें मेरठ के गैस एजेंसियों व पेट्रोल पंप वालों से इनके अच्छे ताल्लुक हैं।
वे चुनाव लड़ाते हैं। साथ में दावतें खाते हैं। डॉ. वाजपेयी कुछ कहते इससे पहले ही आजम ने अपनी सफाई भी पेश कर दी।
बोले, हर सवाल को इतनी संजीदगी से न लें। माहौल हल्का करने दें। उन्होंने कहा कि घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है पर जिसे तेल कम मिला उसका क्या?
घटतौली पर अंकुश के दिए सुझाव
घटतौली पकड़े जाने पर जुर्माना बढ़ाने का सुझाव अच्छा है। इस पर विचार होना चाहिए। भाजपा के रविंद्र भडाना के एक सवाल के जवाब में आजम ने बताया कि घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी और चालान करना ही एक तरीका है।
मेरठ में छापेमारी की कार्यवाही का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि लगातार कार्रवाई की जाती है। भडाना ने कहा कि छापेमारी केवल कागजों पर ही होती है।
मापने के उपकरणों में काफी गड़बड़ी होती है। क्या दोषियों के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। आजम ने कहा कि गैस सिलेंडर का निश्चित वजन होता है।
जिसे तौलकर पकड़ा जा सकता है लेकिन पेट्रोल पंप पर लगे इलेक्ट्रानिक मीटर भारत सरकार के हैं। वही इसे लगवाती है। इसमें कोई गड़बड़ी हो तो कैसे पकड़ी जाए?