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सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर आजम खां ने दी चेतावनी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 29 Jun 2015 03:17 PM IST
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सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद फैला सकने वाली चीजें जारी करने वालों के खिलाफ रासुक लगाया जाएगा। इस पर अब आजम खां की भी टिप्पणी आई है।
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पुलिस महानिदेशक एके जैन ने रविवार को निर्देश दिए थे कि फेसबुक या वाटॅसअप पर धार्मिक उन्माद से जुड़ी चीजें प्रसारित करने वालों के खिलाफ रासुका लगाया जाएगा।
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अब इस विषय पर एक प्रेस नोट जारी करते हुए यूपी कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री आजम खां ने भी सोशल मीडिया पर इस तरह की चीजों के आने पर चिंता जताई है।
आजम खां ने कहा कि सोशल मीडिया पर बढ़ती हुई आपराधिक प्रवृत्तियों पर मेरे द्वारा पहले भी चिंता जताई गई थी लेकिन अफसोस यह है कि पुलिस के अधिकारियों द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
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अपने प्रेस विज्ञप्ति में आजम खां लिखते हैं कि कई बार ऐसा भी हुआ है कि इस तरह का अपराध करने वालों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया लेकिन पुलिस द्वारा उनके खिलाफ समुचित कारवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि फैजाबाद और सहारपुर के हालात, पश्चिम से पूरब तक न बिगड़ें इसके लिए आवश्यक है कि पुलिस महानिदेशक के आदेश को सख्ती से लागू किया जाए।
आजम खां ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का जिक्र करते समय चीजों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया के शर्मनाक प्रयोग के बाद भी इस बारे में आने वाली बयानबाजी अपराधियों की हिम्मत बढ़ाते हैं और यह पुलिस आधिकारियों द्वारा उचित कार्यवाही न करने की मानसिकता को दर्शाता है।
यदि दोनों बातें गलत हैं और सोशल मीडिया पर अंकुश लगाने में यदि कहीं कोई कोताही हो रही है तो उसे दुरुस्त करना पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों का काम है।
यदि पुलिस के अधिकारी अभी भी सोशल मीडिया से जुड़े ऐसे आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं तो इसका सिर्फ एक ही मतलब है कि राज्य सरकार की साख को नुकसान पहुंचाया जाए।
मालूम हो कि पुलिस महानिदेशक ने अपने आदेश में सोशल नेटवर्किंग साइट पर किसी भी सम्प्रदाय से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीर को पोस्ट करने वालों को पकड़ने की जिम्मेदारी स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी गई है। एसटीएफ के अलावा पश्चिमी यूपी में डीआईजी मेरठ की निगरानी में एक सेल का गठन किया गया है।