संघी तालिबानी हैं देश के सबसे बड़े दुश्मन: आजम
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अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना तालिबानियों से की। उन्होंने कहा कि संघी तालिबानी ही देश के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
सबसे पहले इन संघी तालिबानियों को रोकिये। उन्होंने कहा कि देश के बादशाह (प्रधानमंत्री) पूरी दुनिया में इंसानियत का संदेश देते हैं जबकि यहां आपने खुली छूट दे रखी है हमें जलील करने की। चाहे वह साध्वी हों, आदित्यनाथ हों, साक्षी महाराज हो या फिर गवर्नर कल्याण सिंह हों।
आजम खां गुरुवार को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने अपनी जुबां खामोश रखी है लेकिन आपके लोग मिशन को कामयाब करने के लिए पूरी तरह से लगे हुए हैं।
यह सबको समझना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि घर मेरा जलेगा तो आंच से पड़ोसी भी बच नहीं पायेगा। बाजार में यदि एक दुकान को आग लगेगी तो किस-किस की दुकान जलेगी यह पता नहीं होता है।
आग न धर्म देखती है और न ही जाति। यदि हम मिटेंगे तो खुशहाल दूसरा भी नहीं रहेगा। देश के बादशाह ने बारूद के ढेर पर बैठा रखा है 125 करोड़ हिन्दुस्तानियों को। यदि इसमें चिंगारी लगी तो यह बहुत दूर तक जायेगी।
धर्म परिवर्तन पर किया पलटवार
हमारी आप लोगों को यह सलाह है कि हमें बहुत सोच-समझ कर फैसले करने होंगे। उन्होंने कहा कि देश के बादशाह ने उत्तर प्रदेश आकर 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। लेकिन यह वाद भी वे पूरा नहीं कर सके। उन्होंने अब तक जितने वादे भी किये उनमें एक भी पूरा नहीं किया।
आजम खां ने धर्म परिवर्तन पर पलटवार करते हुए कहा कि जिनके धर्म परिवर्तन की बात की जा रही थी उन्होंने अगले दिन खुद ही इससे इनकार कर दिया। उनके हालातों को देख कर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनके पुराने कपड़े और नई टोपी...।
धर्म परिवर्तन में भी ऐसे लोगों को चुना गया जो सबसे कमजोर थे, लाचार थे, जिनके पास खाने के लिए रोटी नहीं थी। अब कहा जा रहा है 2017 तक हम सबका धर्म परिवर्तन करा देंगे। जैसे धर्म नहीं हो गया...मजाक हो गया। इसमें सबका नुकसान होगा।