आजम खां ने मोदी के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को ही कर दिया खारिज
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नरेंद्र मोदी कैबिनेट के सबसे ड्रीम प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी पर आजम खां ने तीखा हमला बोला है। ऐसे समय में जब सभी राज्य अपने-अपने राज्य में आने वाले शहरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में लाने के लिए पैरवी कर रहे हैं उसी समय आजम खां ने इसकी जरूरत को ही खारिज कर दिया है।
केंद्र की पहल पर स्मार्ट शहरों के बारे में अध्ययन करके कोलंबिया से लौटे आजम ने स्मार्ट सिटी पर सवाल उठाया। आजम का कहना है कि यूपी को स्मार्ट सिटी की जगह स्मार्ट विलेज की जरूरत है। शहर पहले से ही स्मार्ट हैं जिसकी वजह से गांव के लोगों का तेजी से शहरों की ओर पलायन हो रहा है। जरूरत है कि गांव स्मार्ट बनाए जाएं ताकि गांवों से शहरों की ओर पलायन रुक सके।
खां स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए विश्व बैंक की ओर से कोलंबिया में आयोजित कांफ्रेंस से लौटने के बाद विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थे।
खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि पूरे देश का हाल बादशाह जानें, कोलंबिया में उनका फोकस यूपी ही था। वहां बताया कि शहरों की ओर बेलगाम पलायन बढ़ा है।
इसकी वजह से जमीन का संकट, ट्रैफिक का दबाव, कानून-व्यवस्था की समस्या और किराए बढ़े हैं। ऐसे में यदि गांवों को स्मार्ट बना दिया जाए, वहां सड़क, बिजली, पानी और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा दिए जाएं तो यह पलायन रुक जाएगा।
खां ने कहा कि लखनऊ हो या इलाहाबाद अथवा बनारस, शहर पहले से ही स्मार्ट हैं। बनारस की सारी गलियां इंटरलाकिंग से बना दी गईं। वहां का 100 साल पुराना डेनेज सिस्टम बदल दिया गया। यदि शहर और स्मार्ट बनाए गए तो पलायन और बढ़ेगा।
ऐसे में जरूरत आज स्मार्ट शहर की नहीं, स्मार्ट गांव की है। खां ने बताया कि विश्व बैंक ने इस विचार पर चर्चा के लिए एक कांफ्रेंस अब यहां करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार गांवों को अपने संसाधन के हिसाब से स्मार्ट बना रही है। इसमें यदि केंद्र से मदद ही मिल जाए तो बात बन जाए।
बादशाह ने बनारस के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी
आजम ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बादशाह ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस के नाम पर आज तक फूटी कौड़ी नहीं दी। सपा सरकार ही वहां के विकास के काम करा रही है।
उन्होंने कहा कि विकास बनारस का हो या अयोध्या और दूसरे स्थानों का, राज्य सरकार ही विकास करा रही है। नगर निकायों को जितना पैसा उन्होंने दिया, इसके पहले कभी नहीं दिया गया। बादशाह की तरफ से तो कोई मदद नहीं मिली।
समाजवादी पार्टी ने भी पूर्व की सरकारों की कई योजनाओं को बंद कर उनके स्थान पर नई योजनाएं शुरू की हैं। मगर, आजम खां का कहना है कि सत्त में पार्टियों के बदलने से योजनाएं नहीं बदलनी चाहिए।
ऐसे फैसलों से नतीजा ये होता है कि 40 प्रतिशत, 50 प्रतिशत हो चुके काम अधूरे पड़े रहने की नौबत आ जाती है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के बनने से तमाम स्कीम पूरी करने के लिए पैसा ही नहीं है। अल्पसंख्यक, नगर विकास, आवास योजना के कामों में बड़े बजट की कटौती हो गई है। इससे बड़े नुकसान का अंदेशा है।
नगर विकास मंत्री ने केंद्र की गंगा सफाई अभियान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह काम भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा है। पर, इस काम की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं अभी तक इसका प्रोजेक्ट तक नहीं बन पाया है। जब दो-तीन साल प्रोजेक्ट बनाने में लगा देंगे तो फिर सफाई कब होगी?
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में आग की होगी जांच
नगर विकास मंत्री ने कहा है कि सुन्नी सेंटल वक्फ बोर्ड में आग लगने का संज्ञान लिया है और इसकी जांच का आदेश दे दिया है। एफआईआर पहले ही हो चुकी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां से बाबरी मस्जिद से जुड़ा या कोई दूसरा, एक मामूली पेपर भी नष्ट नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद से जुड़े सभी ओरिजनल कागजात हाईकोर्ट के पास हैं जो अब सुप्रीमकोर्ट के पास हैं। यहां फोटोकापी आदि थी जिसे भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आग लगना बुरी बात है, आग लगाना उससे भी बुरी बात।
अब जांच होगी तो पूरी बात सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बोर्ड के कंप्यूटराइजेशन का जिम्मा लिया है। यदि राज्य को यही अधिकार दे देते तो काफी पहले यह काम हो जाता।
आजम ने कहा कि सेंटल हज कमेटी ने हाजियों के लिए जो अटैचियां भेजी थीं, उसका बुरा हाल हुआ है। उन्होंने कहा कि हाजी लौटेंगे तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले राज्य के अध्यक्ष भी हाजियों के साथ जाया करते थे। दो बार उन्होंने जाकर वहां की काफी खामियां उजागर की। नतीजा ये हआ कि उन्होंने जाने पर ही रोक लगा दी।
केंद्र ही तय करेगा मेरठ बने या रायबरेली स्मार्ट शहर
नगर विकास मंत्री आजम खां का कहना है कि मेरठ या रायबरेली में से कौन सा शहर स्मार्ट सिटी बने, यह तय वह तय नहीं करेंगे। इसे दिल्ली को ही तय करना होगा। उन्होंने कहा कि वह अपना एक शहर कम करने को तैयार नहीं हैं। यदि कहें तो अपने शहर रामपुर का नाम वापस ले सकता हूं।
गुजरात में होर्डिंगों पर बीफ के बारे में मुखालफत से जुड़े सवाल पर सीधा जवाब ने देते हुए आजम ने कहा कि पांच और सात सितारा होटल के मेन्यू में बीफ छपता है।
केंद्र को पहले जानवर काटने वाले बड़े-बड़े कारखानों की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ हत्या पर तो बाबर ने भी प्रतिबंध लगाया था। विहिप नेताओं के बयान से जुड़े एक अन्य सवाल पर आजम ने कहा कि सजा तो वे भुगत ही रहे हैं। कोई पिल्ले कहता है कोई हरामी। कोई सुअर जैसे बच्चे पैदा होने की बात करता है, वह भी अपने ही भाई-बहन। यह सजा नही ंतो और क्या है। इससे बुरी स्थिति क्या होगी।
बिहार चुनाव में सपा के अकेले चुनाव लड़ने से क्या बादशाह को फायदा नहीं होगा? आजम ने इस सवाल को यह कहते हए टाल दिया कि इसका जवाब देने के लिए नेता जी मुलायम सिंह यादव अधिकृत हैं। वे ही कुछ कह सकते हैं। संसदीय बोर्ड ने उन्हें अधिकृत कर रखा है।