'मुस्लिम कौम को आईएएस चाहिए, लेखपाल नहीं'
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अल्पसंख्यक कल्याण एवं नगर विकास मंत्री आजम खां ने सोमवार को कहा कि कौम को आईएएस चाहिए, लेखपाल व बाबू नहीं। आजम खां सोमवार को लखनऊ के मोहान रोड पर अल्पसंख्यक छात्रों की आईएएस स्टडी सेंटर में पहुंचे थे। उन्होंने यहां आईएएस की तैयारी कर रहे छात्रों का मार्गदर्शन किया।
आजम खां को जब यह पता चला कि आईएएस स्टडी सेंटर में पढ़ रहे कुछ छात्र रविवार को लेखपाल की परीक्षा देने गए थे तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने छात्रों को नसीहत देते हुए कहा कि लेखपाल या बाबू ही बनना है तो अपने मां-बाप का पैसा बर्बाद मत करो। हम आपको आईएएस बनाना चाहते हैं।
इससे पहले आजम खां ने कोचिंग ले रहे सभी छात्रों का परिचय लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा चुनाव से पहले बयान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मुसलमानों के बच्चों को पिल्ला कहा जाता है। एक जानवर की तरह बच्चे पैदा करने का आरोप लगाया जाता है।
आजम ने दी 12 घंटे से ज्यादा पढ़ने की सलाह
उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि ऊंचे ख्वाब देख रहे हो तो उन्हें हासिल करने के लिए उतनी ही ज्यादा मेहनत भी करो। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में यदि सफलता प्राप्त करनी है तो अन्य समस्याओं से ध्यान हटाकर गंभीरता से कम से कम 12 घंटे से ज्यादा का समय अध्ययन में लगाएं। इस परीक्षा में वहीं लोग कामयाब होते हैं जो दिन-रात एक कर देते हैं।
कार्यक्रम में मशहूर शायर और उर्दू अकादमी के चेयरमैन नवाज देवबंदी ने कहा कि मेहनत व लगन से ही मंजिल मिलती है। उन्होंने बताया कि यह सेंटर अल्पसंख्यकों के लिए चलाया जा रहा है।
यहां पर 50 मेधावी छात्र-छात्राओं को आईएएस परीक्षा पास करने की कोचिंग दी जा रही है। यह कोचिंग पूर्णतया निशुल्क है। यहां पर रहना व खाना दोनों मुफ्त है।