मुतवल्लियों के सहारे अपना उल्लू सीधा करेंगे आजम
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राज्य सरकार प्रदेश भर की वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों की नब्ज टटोलने जा रही है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां ने बुधवार को राजधानी में बैठक बुलाई है।
इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। बैठक में सरकार शिया व सुन्नी वक्फ बोर्डों के एक हजार से अधिक मुतवल्लियों को बेकार पड़ी वक्फ संपत्तियों में शैक्षिक संस्थाएं खोलने के लिए प्रेरित करेगी।
बैठक बुलाने के पीछे सियासी मकसद भी है। दरअसल, मुतवल्ली शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के चुनाव में मतदाता भी होते हैं। पिछले दिनों शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव को लेकर मो. आजम खां व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद के बीच ठन गई थी।
कल्बे जव्वाद अब तक कई बार यह चुनाव स्थगित करा चुके हैं। इससे आजम खां अपनी ही सरकार पर नाराज हो गए थे।
कल्बे जव्वाद को महत्व देती रही सरकार
ऐसा माना जा रहा है कि आजम मुतवल्लियों की बैठक बुलाकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहते हैं। वे दिखाना चाह रहे हैं कि उनके साथ इतने अधिक मुतवल्ली हैं जबकि सरकार मौलाना कल्बे जव्वाद को तवज्जो दे रही है।
इसके अलावा हाल ही सरकार ने बेकार पड़ी वक्फ संपत्तियों में शैक्षिक संस्थाएं खोलने की पेशकश की है। सरकार का मानना है कि वक्फ की काफी संपत्तियों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं।
ऐसे में यदि इनमें शैक्षिक संस्थाएं खुल जाएं तो इनका ज्यादा अच्छा उपयोग हो सकता है। बुधवार की बैठक में इस मुद्दे पर भी मुतवल्लियों को राजी किया जाएगा।