अयोध्या: गर्मी आते ही घटी राम मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या, चारधाम यात्रा का भी पड़ रहा है सीधा असर
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या राम मंदिर में इस समय आने वाले भक्तों की संख्या लगातार घट रही है। जानकारों के अनुसार चारधाम यात्रा भी इसकी एक वजह है।
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उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा का असर अब रामनगरी अयोध्या में दिखाई देने लगा है। अप्रैल में जहां राम मंदिर में प्रतिदिन 80 हजार से लेकर एक लाख तक श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे, वहीं इन दिनों यह संख्या घटकर 60 से 65 हजार प्रतिदिन रह गई है। मंदिर प्रशासन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु फिलहाल बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर निकल गए हैं, जिसके कारण अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अस्थायी तौर पर कमी दर्ज की जा रही है।
चारधाम यात्रा की शुरुआत अप्रैल के तीसरे सप्ताह में कपाट खुलने के साथ हुई थी। आंकड़ों के अनुसार अब तक छह लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं और प्रतिदिन हजारों यात्री दर्शन कर रहे हैं। इस बार भी दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से आने वाले समूहों की संख्या में कमी देखी गई है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि 20 मई के बाद स्थिति फिर बदल सकती है। गर्मी की छुट्टियां शुरू होने, स्कूलों में अवकाश होने और चारधाम यात्रा के शुरुआती दबाव कम होने के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या दोबारा बढ़ने की संभावना है।
लंबी दूरी के धार्मिक पैकेज फिलहाल उत्तराखंड केंद्रित
होटल व्यवसायियों और टूर ऑपरेटरों का कहना है कि चारधाम यात्रा के कारण लंबी दूरी के धार्मिक पैकेज फिलहाल उत्तराखंड केंद्रित हो गए हैं। कई ट्रैवल एजेंसियों ने भी इस समय अपने पैकेज चारधाम और हिमालयी तीर्थों पर केंद्रित कर दिए हैं। हालांकि स्थानीय स्तर पर सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। अयोध्या व आस-पास के जिलों के लोग भी चारधाम की यात्रा के लिए बुकिंग करा रहे हैं।
उप मंदिरों में अब आम श्रद्धालुओं को भी दर्शन
राम मंदिर परिसर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बृहस्पतिवार से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब आम श्रद्धालु भी परिसर में स्थित उप मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले यह सुविधा केवल विशेष पासधारकों तक ही सीमित थी।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से व्यवस्था में बदलाव के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। नई व्यवस्था के तहत दर्शन मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित दिशा में उप मंदिरों तक जाने की अनुमति दी जा रही है।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए दर्शन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है। राम मंदिर परिसर में स्थापित विभिन्न उप मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहे हैं। इनमें भगवान सूर्य, माता भगवती, भगवान शिव, गणपति और अन्य देवी-देवताओं के मंदिर शामिल हैं। अब तक आम श्रद्धालु केवल मुख्य गर्भगृह में रामलला व राम परिवार के दर्शन कर वापस लौट जाते थे, जबकि उप मंदिरों में प्रवेश विशेष अनुमति से ही संभव था। केवल सामान्य, सुगम व विशिष्ट पास धारक ही उप मंदिरों में दर्शन कर पाते थे। स्थानीय श्रद्धालु फैजाबाद निवासी मुकेश मिश्रा व ममता मिश्र ने कहा कि पहले केवल रामलला के दर्शन करके लौटना पड़ता था, लेकिन अब उप मंदिरों में भी पूजा-अर्चना का अवसर मिल रहा है। इससे यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव और बढ़ गया है। उप मंदिरों के दर्शन शुरू होने से ऐसा लग रहा है कि एक ही स्थान पर पूरा तीर्थ अनुभव मिल गया।