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मस्जिद की जमीन पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने साधी चुप्पी, प्रशासन ने कहा- फेरबदल की कोई गुंजाइश नहीं
Tue, 11 Feb 2020 09:47 AM IST
शाहरुख खान
धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला,अयोध्या
धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला,अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Feb 2020 09:47 AM IST
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हाजी महबूब
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद के लिए धन्नीपुर गांव में हुए 5 एकड़ भूमि के अलाटमेंट पर अभी तक यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड खामोशी अख्तियार किए हुए है। प्रशासन को बोर्ड की ओर से स्वीकारोक्ति नहीं मिल पाई है।
डीएम अनुज कुमार झा का स्पष्ट कहना है कि यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में हाइवे के पास जमीन का अलाटमेंट कोर्ट के आदेश के क्रम में पूरी तरह वैधानिक रूप से हुआ है।
अधिगृहित क्षेत्र में जमीन क्यों नहीं दी जा सकती, इसकी पूरी जानकारी अलाटमेंट पेपर के साथ बोर्ड को दी जा चुकी है। यही नहीं वक्फ बोर्ड को पूरी तरफ विश्वास में लेकर अलाटमेंट हुआ है।
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यदि किसी वजह से बोर्ड स्वीकारोक्ति देने में आना-कानी कर रहा है तो, प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। आवंटित भूमि उपयुक्त स्थान के साथ नियमों के तहत है। अब इसमें कोई फेरबदल का सवाल नहीं उठता है।
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डीएम अनुज कुमार झा का स्पष्ट कहना है कि यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड को सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में हाइवे के पास जमीन का अलाटमेंट कोर्ट के आदेश के क्रम में पूरी तरह वैधानिक रूप से हुआ है।
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अधिगृहित क्षेत्र में जमीन क्यों नहीं दी जा सकती, इसकी पूरी जानकारी अलाटमेंट पेपर के साथ बोर्ड को दी जा चुकी है। यही नहीं वक्फ बोर्ड को पूरी तरफ विश्वास में लेकर अलाटमेंट हुआ है।
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यदि किसी वजह से बोर्ड स्वीकारोक्ति देने में आना-कानी कर रहा है तो, प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। आवंटित भूमि उपयुक्त स्थान के साथ नियमों के तहत है। अब इसमें कोई फेरबदल का सवाल नहीं उठता है।
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उधर, बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि प्रशासन भले ही उपयुक्त जगह अलाटमेंट का दावा कर रहा है, मगर मुसलमानों को अयोध्या से 25 किमी दूर मस्जिद मंजूर नहीं है।
उनकी बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक व अधिवक्ता जफरयाब जीलानी से बात हुई है, जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके उपयुक्त जगह मस्जिद के लिए जमीन मांगी जाएगी।
दूसरे मुस्मिल पक्षकार इकबाल अंसारी भी धन्नीपुर में मस्जिद के लिए भूमि दिए जाने से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि इससे अयोध्यावासियों को धोखा हुआ है। हमारे प्रस्ताव पर प्रशासन ने विचार नहीं किया।
उनकी बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक व अधिवक्ता जफरयाब जीलानी से बात हुई है, जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके उपयुक्त जगह मस्जिद के लिए जमीन मांगी जाएगी।
दूसरे मुस्मिल पक्षकार इकबाल अंसारी भी धन्नीपुर में मस्जिद के लिए भूमि दिए जाने से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि इससे अयोध्यावासियों को धोखा हुआ है। हमारे प्रस्ताव पर प्रशासन ने विचार नहीं किया।