फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ayodhya ram mandir making process now start?

जानिए इस बार राम मंदिर के लिए चाहिए किस तरह का दान?

Fri, 19 Jun 2015 05:20 PM IST
Updated Fri, 19 Jun 2015 05:20 PM IST
विज्ञापन
ayodhya ram mandir making process now start?

संतों की तरफ से अयोध्या का राममंदिर बनाने की कवायद फिर से शुरू हो गई है। इस बार इस निर्माण के लिए एक अलग किस्म के पत्थर मगाएं जा रहे हैं। निर्माण के लिए भक्तों से शिलादान अभियान में अभी कई पेंच हैं।

विज्ञापन


श्रीरामजन्मभूमि न्यास ने सवा रुपये प्रति व्यक्ति दान लेने के पुराने अभियान की जगह इस बार शिलादान लेने की घोषणा की है। रणनीतिकार कहते हैं कि शिला कोई ऐसी-वैसी नहीं चाहिए, सिर्फ राजस्थान के वंशी पहाड़ का ही शिलाखंड राममंदिर निर्माण में प्रयुक्त हो सकता है।
विज्ञापन


ऐसे में सवाल उठता है कि भक्त कैसे वंशी पहाड़ का शिलादान करने आगे आएंगे। जाहिर है कि कहीं न कहीं धन संग्रह के बाद ही शिलाएं खरीदकर प्रांत, मंडल, जिला या इलाका वार अयोध्या लाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चाहिए वही पत्‍थर

ayodhya ram mandir making process now start?

एक बार फिर विहिप और संत-धर्माचार्यों ने मंदिर निर्माण के लिए शिलादान की योजना बनाई है। इसके कितने चरण और क्या-क्या पड़ाव होंगे, सब गोपनीय रखा गया है। मगर शिलादान की घोषणा विहिप सुप्रीमों व रामजन्मभूमि न्यास प्रमुख ट्रस्टी अशोक सिंहल के करने के साथ कई सवाल उठ रहे हैं।

पिछली बार की तरह सवा रुपये का दान न लेकर पत्थर दान अयोध्या में लेने की नई रणनीति में भक्त कैसे हिस्सा लें, सब जानना चाहते हैं। इस मामले में कारसेवकपुरम में जुटे विहिप सुप्रीमो अशोक सिंहल, महामंत्री व कार्यशाला प्रमुख चंपत राय, पुरुषोत्तम सिंह आदि की टीम एक बात के लिए स्पष्ट दिखी कि पत्थर तो वही दान में लिया जाएगा, जिसकी उपयोगिता राममंदिर निर्माण में हो।

पहले तल के लिए राजस्थान के वंशी पहाड़ के पत्थरों के शिलाखंड तराशे गए हैं, दूसरे तल में भी यही पत्थर लगेंगे। विहिप के रणनीतिकारों का मानना है कि पत्थर दान की पूरी रणनीति अभी बननी है। इसके बाद दानदाताओं को पूरी जानकारी दी जाएगी। लेकिन एक बात तय है कि इस बार धनसंग्रह करके न्यास शिलाखंड नहीं खरीदेगा। दान पत्थर का ही लिया जाएगा, वह भी वंशी पहाड़ के पत्थर का।  

क्या कहते हैं 'जिम्मेदार'


विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं कि  दूसरे तल के निर्माण के लिए दान में वंशी पहाड़ की कच्ची शिलाएं ही दान में ली जाएंगी। अब शिलाएं कैसे दानदाता मंगाएंगे, क्या स्वरूप होगा, इस पर रणनीति बन रही है। शिलाएं अयोध्या कैसे भक्त लेकर आएंगे, इसका भी कार्यक्रम तय होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed