अयोध्या: आरोपियों की संपत्तियों का खंगाला जाएगा ब्योरा, मूल पते पर पहुंचेंगी पुलिस टीमें; मिल चुका इतना पैसा
Ram Temple offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस उनके मूल पते पर पहुंचकर जांच की जाएगी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब मामले में नामजद आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने सभी आठ आरोपियों के मूल पते का भी सत्यापन कर लिया है। जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से यह कार्रवाई भी शुरू करने की तैयारी है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी के अलावा पुलिस भी जांच कर रही है। आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं लेकिन चोरी से अर्जित की गई उनकी संपत्तियां अब तक सार्वजनिक नहीं हुई हैं। अब उनकी इन्हीं संपत्तियों को खोजने की तैयारी है। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अब आरोपियों की संपत्ति, आय के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जाएगी। इससे उनकी घोषित आय और अर्जित संपत्तियों में विसंगति का भी पता लगाया जाएगा।
संबंधित तहसीलों से आरोपियों के नाम दर्ज जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियों का विवरण जुटाया जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्री, नामांतरण और हाल के वर्षों में की गई खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। यदि अन्य जिलों या प्रदेशों में संपत्ति होने के संकेत मिलते हैं तो वहां से भी अभिलेख मंगाए जाएंगे। जांच एजेंसियां आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में हुए बड़े लेनदेन, निवेश, बीमा, लॉकर और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल कर सकती हैं।
इसके साथ ही आयकर रिटर्न और अन्य उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आय के स्रोत का सत्यापन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर रिश्तेदारों या करीबी लोगों के नाम अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि यदि जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
दूसरे जिलों तक पहुंचेगी जांच
सूत्रों के अनुसार, अब जांच केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहेगी। जिन आरोपियों का मूल निवास दूसरे जिलों में है, वहां की तहसीलों और संबंधित विभागों से भी संपत्ति का ब्योरा जुटाया जाएगा। यदि मूल पते या अन्य स्थानों पर जमीन, मकान या अन्य चल-अचल संपत्ति मिलती है तो उसके स्वामित्व, खरीद के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जाएगी।
कहां के रहने वाले हैं आरोपी
अनुकल्प मिश्रा सदर तहसील के कौशलपुरी कॉलोनी में रहता है। इसके अलावा मिल्कीपुर के ईंटगांव में उसका पैतृक मकान है। करुणेश पांडेय मिल्कीपुर तहसील के जयराजपुर, मनीष कुमार यादव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सदर तहसील के नयाघाट, स्वर्गद्वार, लवकुश मिश्रा रुदौली तहसील के ठकुरान फैगौली, रामशंकर मिश्रा मूलरूप से बहराइच का है, लेकिन सदर तहसील के मीरापुर रामसखा बगिया में रहता है। अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर का रहने वाला है। वर्तमान में शहर के कौशलपुरी कॉलोनी में रहता है। सुभाष श्रीवास्तव सदर तहसील के बैंकर्स लेन, अंजनीपुरम कॉलोनी में रहता है।