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अयोध्या: तिरुपति के लड्डू में चर्बी मिलने के बाद हनुमानगढ़ी सजग, लड्डू कारखानों का हुआ औचक निरीक्षण
Sun, 22 Sep 2024 09:48 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 22 Sep 2024 09:48 AM IST
सार
Tirupati Laddu controversy: तिरुपति में लड्डू विवाद के बाद अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर प्रशासन सजग हो गया। हनुमानगढ़ी में रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं।
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हनुमान गढ़ी में रोजाना आते हैं हजारों लोग।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
तिरुपति के लड्डू प्रसाद में चर्बी मिलने के बाद हनुमानगढ़ी अखाड़ा भी सजग हो गया है। रामनगरी में बजरंग बली की प्रधानतम पीठ हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमंतलला को भी प्रसाद के रूप में लड्डू अर्पित किए जाते हैं। ऐसे में हनुमानगढ़ी अखाड़ा प्रसाद की शुद्धता को लेकर सजग हो गया है। हनुमानगढ़ी के संतों की टोली ने शनिवार को उन कारखानों का निरीक्षण किया जहां लड्डुओं का निर्माण किया जाता है और लड्डुओं की गुणवत्ता परखी। दुकानदारों को गुणवत्ता युक्त प्रसाद रखने की हिदायत दी
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हनुमानगढ़ी में रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। पर्व पर यह संख्या दो गुना हो जाती है। हर एक श्रद्धालु यथाशक्ति हनुमंतलला को प्रसाद जरूर अर्पित करता है। हनुमंतलला को सिर्फ देशी घी से निर्मित लड्डू ही अर्पित किए जाते हैं। तिरुपति का मामला सामने आने के बाद शनिवार को संकट मोचन सेना के अध्यक्ष व सागरिया पट्टी के शीर्ष महंत ज्ञानदास के उत्तराधिकारी महंत संजय दास, महंत डॉ़ महेश दास, महंत सत्यदेव दास, पुजारी हेमंत दास आदि संतों ने इमली बाग स्थित कारखाने का निरीक्षण किया। लड्डू निर्माण की सामग्री को देखा। कारीगरों को शुद्धता व गुणवत्ता का ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी। जांच में संत संतुष्ट नजर आए।
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महंत संजय दास ने कहा कि हनुमानगढ़ी में प्रशासनिक स्तर व हनुमानगढ़ी अखाड़ा दोनों स्तरों से निगरानी की जाती है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर सैंपलिंग कराई जाती है जबकि अखाड़ा के संत भी लगातार प्रसाद की निगरानी करते रहते हैं। ब्रांडेड घी का इस्तेमाल किया जाता है। गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता है। कहा कि हनुमानगढ़ी में यदि शुद्धता के साथ खिलवाड़ हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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शुद्धता को लेकर पहले से सजग है हनुमानगढ़ी
हनुमानगढ़ी अखाड़ा पहले से ही शुद्धता व गुणवत्ता को लेकर सजग रहा है। पहले हनुमंतलला को बेसन के लड्डू भी चढ़ाए जाते थे। कई बार इन लड्डुओं की गुणवत्ता ठीक नहीं होती थी। शुद्धता पर सवाल खड़े होने लगे थे। जिसके बाद हनुमानगढ़ी अखाड़ा ने दुकानदारों के साथ बैठक कर रिफांइड में बने बेसन के लड्डुओं की बिक्री करने पर रोक लगा दी। अब रामलला को केवल देशी घी से निर्मित लड्डू ही अर्पित किए जाते हैं।
हनुमानगढ़ी से जुड़ी खास बातें
रोजाना भक्तों की संख्या- एक लाख
रोजाना अर्पित होने वाला प्रसाद- 200 किलो
हनुमंतलला को सिर्फ देशी घी के लड्डू चढ़ते हैं।
हनुमानगढ़ी परिसर में प्रसाद की दुकानें- 500