अयोध्या : फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी कर रहा आरक्षी गिरफ्तार, अपने भाई के प्रमाण पत्र पर हासिल की थी नौकरी
आरक्षी पद की भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक से लेकर लिखित तक सभी परीक्षा उसके भाई ने दी थी। चयन होने के बाद उसने अपने भाई की जगह ज्वॉइनिंग की थी।
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अयोध्या कोतवाली नगर में तैनात एक आरक्षी फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करता हुआ पाया गया। पुलिस मुख्यालय से चल रही जांच में पता चला कि उसने अपने भाई के प्रमाण पत्र पर नौकरी हासिल की है। आरक्षी पद की भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक से लेकर लिखित तक सभी परीक्षा उसके भाई ने दी थी। चयन होने के बाद उसने अपने भाई की जगह ज्वॉइनिंग की थी। पुलिस विभाग में लोग उसे दयाशंकर के ही नाम से ही जानते थे। इसका खुलासा होने के बाद एसएसपी के निर्देश पर थाना कैंट में उक्त सिपाही के खिलाफ केस दर्ज कर उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
वर्ष 2019 आरक्षी के पद पर भर्ती हुआ आगरा का रहने वाला आरक्षी विवेक शर्मा (26) वर्तमान में कोतवाली नगर में तैनात था। उसकी प्रथम तैनाती अयोध्या जनपद में हुई थी। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ पुलिस मुख्यालय से चल रही जांच में पता चला कि उसने अपने सगे भाई दयाशंकर वर्मा के अभिलेखों के आधार पर नौकरी पाई है। सरकारी दस्तावेजों में भी उसका नाम दयाशंकर ही था। जांच में पता चला कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक व लिखित परीक्षा उसके भाई दयाशंकर ने ही दी थी।
चयन होने के बाद विवेक ने अपने भाई दयाशंकर के नाम से ज्वॉइनिंग की थी। यही नहीं उसके साथी व अधिकारी भी उसे दयाशंकर के ही नाम से जानते थे। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर थाना कोतवाली नगर में विवेक व उसके भाई दयाशंकर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। इसकी विवेचना कैंट थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह को सौंपी गई थी।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि थाना कैंट पुलिस ने आरोपी विवेक शर्मा निवासी उधन्नपुरा थाना जैतपुर तहसील बाह जिला आगरा को मंगलवार सुबह कोतवाली नगर की आरक्षी बैरक से गिरफ्तार कर लिया गया। जल्द ही उसके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बताया कि अब उक्त आरक्षी के खिलाफ निलंबन समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी।