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अयोध्या विध्वंस मामले में कोर्ट ने दो लाख के निजी मुचलके पर कल्याण सिंह को दी जमानत, आरोप भी तय
Fri, 27 Sep 2019 03:44 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 27 Sep 2019 03:44 PM IST
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कल्याण सिंह
- फोटो : amar ujala
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राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह शुक्रवार को अयोध्या ढांचा विध्वंस की सुनवाई के दौरान सीबीआई कोर्ट में हाजिर हुए। इस दौरान कल्याण सिंह ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसके बाद हुई सुनवाई में कोर्ट ने दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी। साथ ही उनपर आरोप भी तय कर दिये।
आपको बता दें कि छह दिसंबर 1992 को जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था, तब कल्याण सिंह ही प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। दरअसल, सीबीआई की याचिका पर 19 अप्रैल 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित 21 नेताओं पर ढांचा गिराने के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने के मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी।
आरोपियों में जीवित बचे अन्य लोग कोर्ट में हाजिर होकर जमानत पर हैं। कल्याण सिंह उस समय राजस्थान के राज्यपाल थे। इसलिए संवैधानिक पद पर होने के कारण न्यायालय ने उन पर बाद में आरोप तय करने को कहा था।
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आपको बता दें कि छह दिसंबर 1992 को जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था, तब कल्याण सिंह ही प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। दरअसल, सीबीआई की याचिका पर 19 अप्रैल 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित 21 नेताओं पर ढांचा गिराने के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने के मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी।
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आरोपियों में जीवित बचे अन्य लोग कोर्ट में हाजिर होकर जमानत पर हैं। कल्याण सिंह उस समय राजस्थान के राज्यपाल थे। इसलिए संवैधानिक पद पर होने के कारण न्यायालय ने उन पर बाद में आरोप तय करने को कहा था।
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