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Lucknow News: सूफी और लोक गीतों के साथ शायरी से सुरमई हुई अवध शिल्प ग्राम की शाम

Sun, 26 Jan 2025 01:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jan 2025 01:42 AM IST
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Awadh Shilp Gram evening filled with poetry along with Sufi and folk songs
प्रस्तुति देतीं पद्मश्री मालिनी अवस्थी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन शनिवार को अवध शिल्प ग्राम की शाम सूफी और लोकगीतों की रूमानियत से सराबोर रही। इसी बीच सजी मुशायरे की महफिल में शायरों के कलाम से मंच सुरमई हो गया। बीच-बीच में कलाकाराें की प्रस्तुतियों ने विभिन्न संस्कृतियों के रंग बिखेर दिए।
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उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर अवध शिल्प ग्राम में चल रहे यूपी दिवस समारोह में इंडो राइट बैंड के कलाकारों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायक आभाष जोशी और श्रेयश जोशी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये.... गीत के जरिए भगवान राम को नमन किया।
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इसके अलावा उत्तर प्रदेश प्रदेश स्थापना दिवस के सिलसिले में 20 जनवरी को भातखंडे में हुई प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। उप शास्त्रीय गायन में प्रथम स्थान पर रहे अनु गुरू ने रामजी के भइला जमन्वा चलो कई लेई दर्शनवा... पर अवध एकल नृत्य की प्रस्तुति दी। एकल नृत्य भरतनाट्यम में प्रथम स्थान पाने वाली आशनी देव यादव ने भी तालिया बटोरीं।
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लोकगायिका कल्पना पाेटवारी ने मंच पर आवे संग जाई अकेला, ता ते मूरख रहब रमेला.... सुनाया तो दर्शक खड़े होकर झूमने लगे। उनके साथ बेंजो पर राजादास, की-बोर्ड पर कर्पूरी, पीयूष मिश्रा, पैड पर विष्णु, ढोलक पर धर्मेंद्र, शहनाई पर फिरोज, बासुरी पर निकुंजय और तबला पर हंसराज ने संगत की।
फकत सांसों का खर्चा था हमारा...

मुशायरे की महफिल में शायर शारिक कैफी ने पढ़ा कि किसी को फिर भी महंगे लग रहे थे, फकत सांसों का खर्चा था हमारा....। इससे पहले महफिल का आगाज आशू मिश्रा ने अपने कलाम, पेश आई है किस तरह ये दुनिया मेरे दिल से, इतना भी नही सोचा कि ये घर है किसी का.... से किया। खुशबीर सिंह शाद ने पढ़ा कि, खुशियां देते देते अक्सर खुद गम मे मर जाते हैं, रेशम बुनने वाले कीड़े रेशम में मर जाते हैं.....। मुशायरे की महफिल संचालन कर रहे अभिषेक शुक्ला ने पढ़ा कि, मैं जिस मे खुश भी था जिंदा भी था तुम्हारा भी था, कई जमाने निचोड़ू तो एक पल निकले....।
कहानी सुनाते बन गया हूं बेहतर इंसान

कहानीकार नीलेश मिश्रा ने कहा कि मेरा मानना है कि कहानी सुनाते-सुनाते मैं बेहतर इंसान बन गया हूं और मैं ये भी मानता हूं कि कहानी सुनते-सुनते आप भी बेहतर इंसान बन चुके होंगे। उन्होंने दीवाली की रात कहानी सुनाकर परिवार से दूर जाने पर अकेलेपन और अंदर के खालीपन को खूबसूरत अंदाज में दर्शकों के सामने रखा। उन्होंने बर्फी फिल्म के लिए लिखे अपने गीत, क्यों न हम तुम चले टेढ़े-मेढ़े से रास्ते पे.. भी गाया।

डिस्कवर उत्तर प्रदेश पर हुई क्विज प्रतियोगिता

पर्यटन विभाग की ओर से डिस्कवर उत्तर प्रदेश विषय पर क्विज प्रतियोगिता भी कराई गई। प्रथम स्थान पर आए लखनऊ पब्लिक स्कूल जानकीपुरम को 50 हजार रुपये, द्वितीय रहे आर्मी पब्लिक स्कूल नेहरू रोड को 30 हजार रुपये, तृतीय रहे एसकेडी वृंदावन को 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। क्विज मास्टर कुनाल सावरकर की निगरानी में प्रतियोगिता में 16 स्कूलों की 81 टीमों ने भाग लिया।

प्रस्तुति देतीं पद्मश्री मालिनी अवस्थी।

प्रस्तुति देतीं पद्मश्री मालिनी अवस्थी।

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