धनतेरस के साथ दीपोत्सव का आगाज, देखें खरीददारी और पूजा के शुभ मुहूर्त
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‘सुपर फेस्टिव सीजन’ का आगाज शुक्रवार को पांच दिवसीय दीपोत्सव के साथ होने जा रहा है। धनत्रयोदशी शुक्रवार को मनाई जाएगी, इसी के साथ राजधानी में छाएगा त्यौहारी उल्लास। धनतेरस के लिए बाजार भी तैयार हैं। खास बात यह है कि इस बार धनतेरस पर खरीदारी और दिवाली पर पूजन के कई मुहूर्त लोगों को मिलेंगे।
पांच दिन तक हर दिन शाम को घरों और प्रतिष्ठानों में पूजन भी होंगे। हालांकि दीपोत्सव एक नवंबर को भाई दूज के साथ समाप्त हो जाएगा, लेकिन इसके बाद अगले चार दिन तक डाला छठ की रौनक से गुलजार रहेगा गोमा का तट।
धनत्रयोदशी शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन खरीदारी के लिए सुबह से शाम तक कई शुभ मुहूर्त हैं। बाइक, कार, ज्वैलरी, प्रॉपर्टी, जमीन-जायदाद, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, कपड़े व अन्य सामान खरीदने के लिए सुबह से ही मुहूर्र्त मिलने शुरू हो जाएंगे।
शाम को धनतेरस पर घरों-प्रतिष्ठानों में पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त वृष लग्न में शाम 6:22 बजे से 8:11 बजे तक रहेगा। इसके अलावा धनत्रयोदशी पर पूजन के लिये गोधूलि बेला भी सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त हैं।
खरीदारी के मुहूर्त
प्रॉपर्टी, जमीन, जायदाद, मकान, दुकान, आभूषण, सोना, चांदी व अन्य कीमती धातु के लिए
सुबह 7:29 बजे से 9:54 बजे तक।
दोपहर 1:44 बजे से 3:16 बजे तक।
शाम 6:22 बजे से 8:19 बजे तक।
रात 12:50 बजे से 3:04 बजे तक।
दोपहिया-चार पहिया वाहन, टीवी, फ्रिज, एसी, कंप्यूटर, लैपटाप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान
वस्त्र के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त ये हैं।
सुबह 9:54 बजे से 11:59 बजे तक
दोपहर 3:16 बजे से 4:44 बजे तक
शाम 8:19 बजे से 10:37 बजे तक
नरक चतुर्दशी, हनुमान जयंती और छोटी दिवाली शनिवार को मनाई जाएगी। इसी दिन रूप चौदस पर्व भी मनाया जाता है। नरकासुर का वध किए जाने के कारण इसे नरक चतुर्दशी केनाम से भी जाना जाता है, इसी दिन बजरंगबली का जन्मदिन भी मनाया जाता है। हनुमान जयंती के ठीक अगले दिन सूर्योदय से पूर्व ही हनुमद् दर्शन से विशेष फल मिलता है।
दीपावली के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषयों के मुताबिक इस बार रात प्रीत योग का संयोग मिलने के चलते खास समय में पूजन विशेष फलदायी रहेगा। इस लग्न में घरों में गृहस्थों और प्रतिष्ठानों में पूजन करना उत्तम रहेगा। इसके अलावा दोपहर में 1:36 बजे से 3:08 बजे तक स्थिर कुंभ लग्न में भी पूजन किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि जो भी व्यापारी शाम की लग्न में पूजा करने से चूक जाएं, तो वे देर रात स्थिर सिंह लग्न में भी रात 12:46 बजे से 2:57 बजे तक महालक्ष्मी का पूजन कर सकते हैं।
शुभ मूहूर्त लग्न के अलावा सूर्यास्त के समय गोधूलि बेला में भी पूजन कर सकते हैं। सूर्यास्त से एक घड़ी पहले (24 मिनट) और सूर्यास्त के एक घड़ी बाद के समय में भी पूजन करना श्रेयस्कर रहेगा।
पूजन के मुहूर्त
लग्न समय
वृश्चिक लग्न सुबह 7:29 बजे से 9:46 बजे तक।
कुंभ लग्न दोपहर 1:36 बजे से 3:08 बजे तक।
वृष लग्न शाम 6:15 बजे से रात 8:11 बजे तक।
सिंह लग्न रात 12:46 बजे से 2:57 बजे तक। महानिशा पूजन के लिए खास
पूजे जाएंगे गोवर्धन, लगेगा अन्नकूट भोग
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर घर-घर में गोवर्धन पूजा-अन्नकूट पूजा की जाएगी। मान्यता है कि गोवर्धन पूजा कर महिलाएं संपन्नता के लिए प्रकृति को धन्यवाद देती हैं।
इसी दिन मंदिरों और धार्मिक स्थानों में अन्नकूट पूजा होती है और छप्पन भोग लगाया जाता है। राजधानी में मॉडल हाउस के काली बाड़ी मंदिर और रिसालदार पार्क में होने वाली काली पूजा में अन्नकूट पूजा के बाद भोग वितरण किया जाएगा।
एक नवंबर : भइया दूज
भाई की सलामती को बहनें लेंगी बलइयां
दीपोत्सव के अंतिम दिन एक नवंबर को भाई बहन के अटूट प्रेम भाई-दूज (यम द्वितीया) का पर्व मनाया जाएगा। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया को बहनें भाई को टीका कर उसकी लंबी उम्र और बाधारहित जीवन की कामना करती हैं।
मान्यता है कि इस दिन यमुना नदी के किनारे टीका कराने वाले भाइयों और उनकी बहनों को यम यातनाओं से मुक्ति मिलती है।