फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Attempts did not work: after 140 days, Dr Sharda lost the battle of life, was sent to Hyderabad for lung transplant

काम न आईं कोशिश : 140 दिन बाद जिंदगी की जंग हार गईं डॉक्टर शारदा, फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया था हैदराबाद

Mon, 06 Sep 2021 10:19 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 06 Sep 2021 10:19 PM IST
सार

डॉ. शारदा सुमन को फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए 11 जुलाई को हैदराबाद के किम्स अस्पताल में एयरलिफ्ट करके शिफ्ट किया गया था। डोनर न मिलने की वजह से अभी तक उनको इकमो मशीन के सहारे रखा गया था।

विज्ञापन
Attempts did not work: after 140 days, Dr Sharda lost the battle of life, was sent to Hyderabad for lung transplant
एंबुलेंस से एयरपोर्ट जातीं डॉक्टर शारदा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की रेजिडेंट डॉ. शारदा सुमन ने 140 दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद सोमवार को हैदराबाद में दम तोड़ दिया। डॉ. शारदा सुमन को फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए 11 जुलाई को हैदराबाद के किम्स अस्पताल में एयरलिफ्ट करके शिफ्ट किया गया था। डोनर न मिलने की वजह से अभी तक उनको इकमो मशीन के सहारे रखा गया था। इससे पहले वे 14 अप्रैल से लोहिया संस्थान में भर्ती थीं। डॉ शारदा के फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए मुख्यमंत्री ने डेढ़ करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की थी।

विज्ञापन


डॉ. शारदा सुमन 11 जुलाई से हैदराबाद के किम्स अस्पताल में भर्ती थीं। डोनर न मिलने से डॉ. शारदा का फेफड़ा प्रत्यारोपण नहीं हो सका। फेफड़े में संक्रमण बढ़ने की वजह से चार सितंबर को उनकी सांसें थम गईं। परिवारीजनों ने हैदराबाद में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। लोहिया संस्थान प्रशासन को सोमवार को इसकी जानकारी हुई। लोहिया संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में वर्ष 2018 में डॉ. शारदा सुमन ने जूनियर रेजिडेंट के पद पर ज्वाइन किया था। उनके पति डॉ. अजय भी लोहिया संस्थान में बतौर रेजिडेंट कार्यरत हैं। गर्भवती होने के बावजूद वे कोरोना ड्यूटी कर रही थीं। इसी दौरान वे संक्रमित हुई थीं तथा अस्पताल में भर्ती रहते हुए ही उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed