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Lucknow News: फतेहपुर में बदमाश पकड़ने पहुंची हसनगंज पुलिस टीम पर हमला, कार छोड़ भागे, लूट का आरोप
Thu, 06 Apr 2023 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 06 Apr 2023 01:42 AM IST
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हसनगंज थाने की पुलिस ने बुधवार तड़के फतेहपुर जिले के थरियांव में एक स्थित एक हाते में शातिर बदमाश की तलाश में दबिश दी। विरोध में दर्जनों व्यापारियों ने पुलिस टीम पर हमला कर पुलिसकर्मियों को जमकर पीटा। गाड़ी में तोड़फोड़ की। किसी तरह से पुलिसकर्मी बचकर भागे। कार भी वहीं पर छूट गई। व्यापारियों ने पुलिसकर्मियों पर ढाई लाख रुपये लूटने का आरोप लगा तहरीर दी है।
बिजनौर जिले के बीस से अधिक व्यापारी थरियांव के आमापुर में पूर्व विधायक आनंद लोधी के पेट्रोल पंप से जुड़े हाते में रहते हैं। किसानों से गेहूं, धान खरीदकर कर बेचते हैं।
थरियांव पुलिस के मुताबिक, एटीएम बूथ से रुपये लूटने के मामले में बाराबंकी के लालपुर करौता निवासी इनायत और बिजनौर के गौसपुर सादात निवासी सलीम की तलाश में हसनगंज थाने की टीम बुधवार तड़के तीन से चार बजे के बीच हाते में पहुंची।
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वहां मौजूद अकबर, फैसर और अफसर को उठा ले गई। कुछ दूर पर टीम पहुंची ही थी कि व्यापारियों ने शोर मचाया कि बदमाशों ने हमला बोल दिया है। इसके बाद भीड़ जुटी। पुलिसकर्मियों को पीटना शुरू कर दिया।
जब तक पुलिसकर्मी समझ पाते तब तक तोड़फोड़ मच गई। पुलिसकर्मी बमुश्किल बच सके। सूचना पर स्थानीय पुलिस पहुंची। तब मामला शांत हुआ। व्यापारियों ने थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि हाता निवासी अफसर ने मंगलवार दोपहर धान की बिक्री की थी। इसकी ढाई लाख रुपये की रकम रखी थी। पुलिसकर्मियों ने ये रकम व तीन मोबाइल लूट लिए हैं।
स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी सूचना
एएसपी विजय शंकर मिश्र ने बताया कि हसनगंज थाने की पुलिस संदिग्धों की तलाश में आई थी। स्थानीय पुलिस को कार्रवाई से संबंधित सूचना लखनऊ पुलिस ने नहीं दी थी। प्रकरण की जांच हो रही है। हाते में रहने वाले सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जो आरोप लगे हैं, उनकी भी जांच की जा रही है।
आखिर फिर रात में क्यों दी दबिश
डीसीपी सेंट्रल का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए नहीं बल्कि सत्यापन करने के लिए पुलिस टीम गई थी। सवाल है कि अगर सत्यापन के लिए टीम गई थी तो रात में इस तरह से वहां पर पुलिसकर्मियों ने दबिश क्यों दी। स्थानीय पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।
इनायत नाम के आरोपी पर लखनऊ के अलग-अलग थाने में करीब 12 केस दर्ज हैं। हसनगंज पुलिस सत्यापन के लिए फतेहपुर गई थी। वहां पर कार्रवाई का विरोध किया गया। फतेहपुर पुलिस से संपर्क कर प्रकरण की जानकारी ली जा रही है। उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अपर्णा रजत कौशिक, डीसीपी सेंट्रल
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बिजनौर जिले के बीस से अधिक व्यापारी थरियांव के आमापुर में पूर्व विधायक आनंद लोधी के पेट्रोल पंप से जुड़े हाते में रहते हैं। किसानों से गेहूं, धान खरीदकर कर बेचते हैं।
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थरियांव पुलिस के मुताबिक, एटीएम बूथ से रुपये लूटने के मामले में बाराबंकी के लालपुर करौता निवासी इनायत और बिजनौर के गौसपुर सादात निवासी सलीम की तलाश में हसनगंज थाने की टीम बुधवार तड़के तीन से चार बजे के बीच हाते में पहुंची।
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वहां मौजूद अकबर, फैसर और अफसर को उठा ले गई। कुछ दूर पर टीम पहुंची ही थी कि व्यापारियों ने शोर मचाया कि बदमाशों ने हमला बोल दिया है। इसके बाद भीड़ जुटी। पुलिसकर्मियों को पीटना शुरू कर दिया।
जब तक पुलिसकर्मी समझ पाते तब तक तोड़फोड़ मच गई। पुलिसकर्मी बमुश्किल बच सके। सूचना पर स्थानीय पुलिस पहुंची। तब मामला शांत हुआ। व्यापारियों ने थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि हाता निवासी अफसर ने मंगलवार दोपहर धान की बिक्री की थी। इसकी ढाई लाख रुपये की रकम रखी थी। पुलिसकर्मियों ने ये रकम व तीन मोबाइल लूट लिए हैं।
स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी सूचना
एएसपी विजय शंकर मिश्र ने बताया कि हसनगंज थाने की पुलिस संदिग्धों की तलाश में आई थी। स्थानीय पुलिस को कार्रवाई से संबंधित सूचना लखनऊ पुलिस ने नहीं दी थी। प्रकरण की जांच हो रही है। हाते में रहने वाले सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जो आरोप लगे हैं, उनकी भी जांच की जा रही है।
आखिर फिर रात में क्यों दी दबिश
डीसीपी सेंट्रल का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए नहीं बल्कि सत्यापन करने के लिए पुलिस टीम गई थी। सवाल है कि अगर सत्यापन के लिए टीम गई थी तो रात में इस तरह से वहां पर पुलिसकर्मियों ने दबिश क्यों दी। स्थानीय पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।
इनायत नाम के आरोपी पर लखनऊ के अलग-अलग थाने में करीब 12 केस दर्ज हैं। हसनगंज पुलिस सत्यापन के लिए फतेहपुर गई थी। वहां पर कार्रवाई का विरोध किया गया। फतेहपुर पुलिस से संपर्क कर प्रकरण की जानकारी ली जा रही है। उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अपर्णा रजत कौशिक, डीसीपी सेंट्रल