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गोरखनाथ मंदिर पर हमला प्रकरण : इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुर्तजा से एटीएस ने शुरू की पड़ताल, खतरनाक मंसूबों के सुबूत हाथ लगे
Wed, 27 Apr 2022 10:59 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 27 Apr 2022 10:59 AM IST
सार
मुर्तजा पर विधि विरुद्घ क्रिया कलाप निवारण अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं की बढ़ोत्तरी के बाद यह पूरा केस लखनऊ की एटीएस, एनआईए न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। मुर्तजा की जेल स्थानांतरण भी गोरखपुर से लखनऊ हो गया था। एटीएस ने लखनऊ जेल से ही उसे रिमांड पर लिया है।
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आरोपी मुर्तजा
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विस्तार
गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षा कर्मियों पर हमले के आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी से एटीएस ने तीसरे राउंड की पूछताछ शुरू कर दी है। इस बार एटीएस मुर्तजा के लैपटॉप और मोबाइल में मिले साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ कर रही है।
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एटीएस के सूत्रों ने बताया कि मुर्तजा के पास से जो डिवाइस बरामद हुई थी उसका डाटा रिकवर करा लिया गया है। डाटा रिकवर होने के बाद एटीएस ने न्यायालय से मुर्तजा की दोबारा रिमांड मांगी थी। जिसके बाद न्यायालय ने सात दिनों की रिमांड स्वीकृत की है। सूत्रों ने बताया कि मुर्तजा के मोबाइल और लैपटॉप से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई हैं, जिसकी पड़ताल की जा रही है।
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मुर्तजा से उसकी अलग-अलग ई-मेल आईडी और रिकवर हुई संदिग्ध चैट के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में मुर्तजा अपनी केवल एक मेल आईडी होने की बात कर रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मुर्तजा के लैपटॉप से कुछ ऐसी जानकारी एटीएस को हाथ लगी है, जिससे मुर्तजा के खतरनाक मंसूबों का पता चलता है।
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किसी सहयोगी की मदद लेने के नहीं मिले सुबूत
सूत्रों ने बताया कि अब तक की पड़ताल में गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षा कर्मियों पर हमले के मामले में मुर्तजा द्वारा किसी अन्य सहयोगी की मदद लिए जाने के सुबूत नहीं मिले हैं। हालांकि एटीएस ने इस बारे में कोई लोगों से पूछताछ की थी। उधर, मुर्तजा पर विधि विरुद्घ क्रिया कलाप निवारण अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं की बढ़ोत्तरी के बाद यह पूरा केस लखनऊ की एटीएस, एनआईए न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। मुर्तजा की जेल स्थानांतरण भी गोरखपुर से लखनऊ हो गया था। एटीएस ने लखनऊ जेल से ही उसे रिमांड पर लिया है।