{"_id":"5fdc7abfc7c7cb3bd4061e56","slug":"attachment-of-house-of-absconding-brother-of-gangster-vikas-dubey","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई दीपक की संपत्ति कुर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई दीपक की संपत्ति कुर्क
Fri, 18 Dec 2020 07:05 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 18 Dec 2020 07:05 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ में विकास दूबे के भाई के घर कुर्की करने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई दीपक दुबे उर्फ दीपू की संपत्ति शुक्रवार को पुलिस ने कुर्क कर दी। एडीसीपी मध्य के नेतृत्व में करीब चार घंटे तक कार्यवाही चली। इस दौरान करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने यह कार्यवाही कोर्ट के आदेश पर किया। कृष्णानगर थाने में विकास दुबे व दीपक दुबे उर्फ दीपू के खिलाफ जालसाजी व कूट रचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा जुलाई में दर्ज हुआ था। इस मामले में दीपक दुबे लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट लिया लेकिन इसके बाद भी हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश कोर्ट से हासिल कर कार्यवाही शुरू कर दी।
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक कृष्णानगर थानाक्षेत्र के इंद्रलोक कालोनी में रहने वाले दीपक दुबे और उसके भाई विकास दुबे पर जुलाई में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें दीपक दुबे फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। उसके खिलाफ कोर्ट से कई बार गैर जमानती वारंट भी जारी कराया गया। लेकिन न तो पुलिस की गिरफ्त में आया और न ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया और इनाम घोषित किया। पुलिस का यह भी प्रयास बेकार साबित हुआ। पुलिस ने कुछ दिन पहले उसके खिलाफ हाजिर न होने पर संपत्ति कुर्क करने का नोटिस भी जारी कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने शुक्रवार को संपत्ति कुर्क करने का आदेश हासिल कर उनके घर पहुंच गई।
एक करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
एडीसीपी मध्य शुक्रवार दोपहर को एसीपी कृष्णानगर हरीश सिंह भदौरिया, इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस टीम लेकर पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे परिवारीजनों को कोर्ट के आदेश को पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद कार्यवाही शुरू की गई। पुलिस ने इस दौरान 4 घंटे के अंदर घर के सारे सामान जब्त कर लिया। वहीं मकान पर भी पुलिस का सील लगा दिया गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक दीपक दुबे की करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। जिसमें मकान व जमीन भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक कृष्णानगर थानाक्षेत्र के इंद्रलोक कालोनी में रहने वाले दीपक दुबे और उसके भाई विकास दुबे पर जुलाई में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें दीपक दुबे फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। उसके खिलाफ कोर्ट से कई बार गैर जमानती वारंट भी जारी कराया गया। लेकिन न तो पुलिस की गिरफ्त में आया और न ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया और इनाम घोषित किया। पुलिस का यह भी प्रयास बेकार साबित हुआ। पुलिस ने कुछ दिन पहले उसके खिलाफ हाजिर न होने पर संपत्ति कुर्क करने का नोटिस भी जारी कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने शुक्रवार को संपत्ति कुर्क करने का आदेश हासिल कर उनके घर पहुंच गई।
विज्ञापन
एक करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
एडीसीपी मध्य शुक्रवार दोपहर को एसीपी कृष्णानगर हरीश सिंह भदौरिया, इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस टीम लेकर पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे परिवारीजनों को कोर्ट के आदेश को पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद कार्यवाही शुरू की गई। पुलिस ने इस दौरान 4 घंटे के अंदर घर के सारे सामान जब्त कर लिया। वहीं मकान पर भी पुलिस का सील लगा दिया गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक दीपक दुबे की करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। जिसमें मकान व जमीन भी शामिल हैं।
विज्ञापन
हमारा सब कुछ खत्म हो गया...
संपत्ति कुर्क होने के दौरान दीपक दुबे की पत्नी के अंजलि दुबे के आंख में आंसू थे। उसने पुलिस की कार्यवाही के बाद रोते हुए कहा कि अब हमारा सब कुछ खत्म हो गया। दीपक के दो बच्चे कार्तिकेय और दिव्यांशु मां को संभालने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उनकेआंख के आंसू भी साफ दिख रहे थे। दीपक की सास कानपुर के शुक्लागंज निवासी शीला भी मौके पर पहुच गई थी। उन्होंने कहा कि मेरे आगे पीछे कोई नहीं है। वह अपनी बेटी अंजलि केसाथ रहती थी। अब कहां जाउंगी? वहीं भतीजी प्रियंका पांडेय मौजूद थी। जो परिवारीजनों को संभालने की कोशिश कर रही थी।
यह था मामला..
कानपुर के बिकरू में 3 जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। इस वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। पुलिस ने कुछ दिन बाद 10 जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं उसके भाई कृष्णानगर निवासी दीपक दुबे उर्फ दीपू के घर से पुलिस ने एक सरकारी नंबर की अंबेसडर कार बरामद की थी। जो वृंदावन कालोनी निवासी विनीत पांडेय की थी। पांच जुलाई को कृष्णानगर पुलिस ने इस मामले में विनीत की तहरीर पर विकास दुबे व उसके भाई केखिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विनीत के मुताबिक वह कार 2009 में नीलामी में खरीदी थी। विनीत पांडेय के मुताबिक बीजी नंबर की अंबेसडर कार विकास, उसका भाई और दो अन्य साथी ने धमका कर गाड़ी अपने साथ ले गए थे। इस मामले में 5 जुलाई को पीड़ित की तहरीर पर आरोपित विकास दुबे, उसके भाई दीपक दुबे और दो अज्ञात साथियों के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
सितंबर में घोषित हुआ था इनाम
तत्कालीन डीसीपी मध्य दिनेश सिंह ने दीप प्रकाश की गिरफ्तारी पर इसके बाद 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद कृष्णानगर पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। दीप प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल किया है। वहीं कुर्की की कार्रवाई के लिए भी उन्होंने दीप प्रकाश के घर पर 82 की नोटिस सितंबर में तामिल कराया था। कृष्णानगर पुलिस के अलावा क्रइम ब्रांच की भी टीम इनामी दीप प्रकाश की गिरफ्तारी केलिए लगी थी। पुलिस को उम्मीद है कि संपत्ति कुर्क होने के डर से वह कोर्ट में समर्पण करने की कोशिश करेगा। इस दौरान पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन पुलिस टीम को सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को उसकी संपत्ति कुर्क कर दी गई।
यह था मामला..
कानपुर के बिकरू में 3 जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। इस वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। पुलिस ने कुछ दिन बाद 10 जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं उसके भाई कृष्णानगर निवासी दीपक दुबे उर्फ दीपू के घर से पुलिस ने एक सरकारी नंबर की अंबेसडर कार बरामद की थी। जो वृंदावन कालोनी निवासी विनीत पांडेय की थी। पांच जुलाई को कृष्णानगर पुलिस ने इस मामले में विनीत की तहरीर पर विकास दुबे व उसके भाई केखिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विनीत के मुताबिक वह कार 2009 में नीलामी में खरीदी थी। विनीत पांडेय के मुताबिक बीजी नंबर की अंबेसडर कार विकास, उसका भाई और दो अन्य साथी ने धमका कर गाड़ी अपने साथ ले गए थे। इस मामले में 5 जुलाई को पीड़ित की तहरीर पर आरोपित विकास दुबे, उसके भाई दीपक दुबे और दो अज्ञात साथियों के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
सितंबर में घोषित हुआ था इनाम
तत्कालीन डीसीपी मध्य दिनेश सिंह ने दीप प्रकाश की गिरफ्तारी पर इसके बाद 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद कृष्णानगर पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। दीप प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल किया है। वहीं कुर्की की कार्रवाई के लिए भी उन्होंने दीप प्रकाश के घर पर 82 की नोटिस सितंबर में तामिल कराया था। कृष्णानगर पुलिस के अलावा क्रइम ब्रांच की भी टीम इनामी दीप प्रकाश की गिरफ्तारी केलिए लगी थी। पुलिस को उम्मीद है कि संपत्ति कुर्क होने के डर से वह कोर्ट में समर्पण करने की कोशिश करेगा। इस दौरान पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन पुलिस टीम को सफलता नहीं मिली। शुक्रवार को उसकी संपत्ति कुर्क कर दी गई।