एटीएस उठाएगी पर्दा : कितने रोहिंग्या यूपी आए, नूर आलम ने बताया कैसे यूपी में दाखिल कराता था रोहिंग्याओं को
पांच दिनों की रिमांड पर लखनऊ लाए गए नूर आलम ने एटीएस अफसरों को बताया कि उसने किस तरह रोहिंग्याओं पश्चिम बंगाल में दाखिल कराता था।
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अवैध रुप से रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश के रास्ते भारत में प्रवेश कराने वाले नूर आलम ने एटीएस की पूछताछ में कई सनसनीखेज राज उगले हैं। पांच दिनों की रिमांड पर लखनऊ लाए गए नूर आलम ने एटीएस अफसरों को बताया कि उसने किस तरह रोहिंग्याओं पश्चिम बंगाल में दाखिल कराता था। फिर कई लोगों को यूपी में दाखिल कराया। यूपी व एनसीआर के जिलों में अलग-अलग लोगों की मदद से फर्जी दस्तावेज बनवाए। इसके लिए अलग-अलग विभागों के कर्मियों को रिश्वत दी गई। सूत्रों के अनुसार नूर आलम से पूछताछ के बाद एटीएस इस रहस्य से पर्दा उठाएगी कि यूपी में अवैध रूप से कितने रोहिंग्याओं को दाखिल कराया गया।
एटीएस ने नूर आलम व उसके साथी आमिर को मंगलवार को नोएडा से गिरफ्तार किया था। आमिर ने बताया कि उसे नूर आलम यहां नौकरी दिलाने और फर्जी दस्तावेज बनवाने के नाम पर ले आया था। नूर आलम ने उसे भारत के पासपोर्ट पर खाड़ी देश में भेजने का भी वादा किया था। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देश में पासपोर्ट बनाकर लोगों को खाड़ी के देशों में भेजा जाता था। इसी साल छह जनवरी को संतकबीरनगर से अजीजुल नाम के रोहिंग्या को गिरफ्तार कर फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे। अजीजुल के खातों में 10 लाख रुपये भी मिले थे। उसने अपने बहनोई नूर आलम को इसका मास्टर माइंड बताया था। इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाने में मददगार खलीलाबाद नगर पालिका के एक कर्मी मन्नान को भी एटीएस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है।