अखिलेश के गुस्से पर फिरा पानी, अतीक को क्लीन चिट
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अब यह सियासी दबाव है या कोई और वजह, जो सपा के लोकसभा प्रत्याशी बाहुबली अतीक अहमद के हथियारबंद समर्थकों के साथ सुल्तानपुर पहुंचने के मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नाराजगी को भी नजरअंदाज कर दिया गया।
मामले की जांच करने वाले जिले के पुलिस अधिकारियों ने पाया है कि अतीक के काफिले में दर्जनों नहीं बल्कि महज तीन लाइसेंसी असलहे थे। सुल्तानपुर पुलिस की रिपोर्ट का गुरुवार शाम एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल ने खुलासा किया।
एडीजी ने बताया कि एसएसपी सुल्तानपुर ने जो रिपोर्ट भेजी है उसमें कहा गया है कि वाहनों की संख्या तो अधिक थी लेकिन काफिले में सिर्फ तीन असलहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों असलहे लाइसेंसी थे।
गौरतलब है कि सुल्तानपुर में 15 दिसंबर को जिस तरह सपा के लोकसभा प्रत्याशी अतीक ने शक्ति प्रदर्शन कर बयान दिए, उस पर सीएम ने नाराजगी जताई थी।
सीएम के इस पर नाराजगी जताने के साथ ही मामले की जांच के आदेश दे दिए गए थे। डीजीपी डीआर नागर ने सुल्तानपुर के एसएसपी को दो दिन में रिपोर्ट भेजने को कहा था।
लेकिन डीजीपी मुख्यालय से ही सुल्तानपुर के एसएसपी के लिए तीन दिन बाद लेटर जारी हो सका। लेटर मिलने के एक सप्ताह बाद सुल्तानपुर के एसएसपी ने अपनी रिपोर्ट भेजी।
धारा 144 तो परीक्षा के लिए थी
सुल्तानपुर के एसएसपी किरन एस. ने बताया कि अतीक ने जिले में आने और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इजाजत ली थी।
एसएसपी ने कहा कि जिले में जो धारा 144 लागू थी, वह परीक्षा के मद्देनजर थी। अतीक का कार्यक्रम इससे हटकर था, लिहाजा इसे निषेधाज्ञा का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।