बिना लक्षण वाले मरीज बन रहे सुपर स्प्रेडर, जानें- क्या कहते हैं जिम्मेदार
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गोमती नगर के विपुल खंड निवासी ठेकेदार में किसी तरह के लक्षण नहीं थे। परिवार में वही आमतौर पर बाहर निकलते थे। लेकिन जब जांच हुई तो ठेकेदार सहित उनके परिवार के 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।
केस-2
जॉपलिंग मार्ग निवासी गैरेज चलाने वाले के परिवार के भी ज्यादातर लोग घर में ही रहते थे। सिर्फ गैरेज संचालक ही बाहर निकलता था। गहरा संचालक के पॉजिटिव आने के बाद उसके परिवार की जांच हुई तो 17 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
लखनऊ में बिना लक्षण वाले मरीज अब सुपर स्प्रेडर बन गए हैं। इनसे विभिन्न इलाकों में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इसे रोकने में नाकाम है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। राजधानी में पॉजिटिव मरीजों की संख्या करीब 3000 के आसपास पहुंच गई है। जुलाई में कई दिनों से डेढ़ सौ के आसपास मरीज मिल रहे हैं।
वायरस की चेन तय कर पाना कठिन
राजधानी में बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि कौन पॉजिटिव है कौन नहीं। एक ही परिवार के 10 से अधिक लोगों के पॉजिटिव होने से स्थितियां गंभीर हो गई हैं। क्योंकि इनके जरिये तमाम लोगों तक वायरस पहुंच जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। हालांकि टीम नियंत्रण की दिशा में लगातार प्रयासरत है। - डॉ. केपी त्रिपाठी, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण