पुलिसिया रौबः भारत माता मंदिर में जूता पहनकर पहुंचे
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सात जनवरी 1921 को किसानों पर हुए बर्बर गोलीकांड की याद में शहीद स्मारक पर लगने वाले मेले के दौरान श्रद्धांजलि देने पहुंचे एएसपी शहीदों का सम्मान करना ही भुला बैठे। डीएम समेत अन्य अफसरों ने जहां जूता उतारकर भारत माता मंदिर में पुष्प अर्पित किए वहीं एएसपी राममूरत यादव जूता पहनकर पहुंचे।
इस दौरान उनका कुत्ता भी अंदर घुस गया। उसने मंदिर को कई बार चाटा। सिपाही भी जूता पहनकर अफसर के कुत्ते को लिए टहलता रहा। अफसरों की निगाह तो पड़ी लेकिन मामला पुलिस अधिकारी का होने के कारण कुछ भी कहना उचित नहीं समझा।
शहीदों के प्रति अफसरों के रवैए की काफी निंदा हो रही है। यह कार्यक्रम पूर्व में धूमधाम से होता था। इस बार महज एक दिन में ही निपटा दिया गया। इस दौरान शहीद स्थल पर कई खामियां सामने आई।
हर साल होने वाला अवकाश इस बार नहीं दिया गया। भारत माता मंदिर में पुष्प अर्पित करने के दौरान सभी अधिकारी जूते उतारकर पहुंचे। वहीं एएसपी राममूरत यादव वर्दी के रौब में जूता पहनकर ही अंदर पहुंच गए।
मंदिर के अंदर घूमता रहा कुत्ता
यहीं नहीं उनका पालतु कुत्ता भी अंदर जा पहुंचा। वह परिसर में काफी देर तक घूमता रहा। कुछ अफसरों की निगाह एएसपी के जूते पहने होने और उनके पालतू कुत्ते पर पड़ी लेकिन किसी ने रोकना उचित नहीं समझा।
इस दौरान एक सिपाही भी एएसपी के कुत्ते को लेकर जूते पहनकर भारत माता मंदिर में टहलता रहा। इस बाबत कार्यक्रम के आयोजक एवं आरडीए सचिव शेषनाथ ने घटना से अनभिज्ञता जताई। उनका कहना है कि फिलहाल कार्यक्रम के दौरान ऐसा उन्हें देखने को नहीं मिला है।
एएसपी के जूता पहनकर भारत माता मंदिर में जाने और उनके पालतू कुत्ते के वहीं पर घूमने की चर्चा पूरे दिन पुलिस कार्यालय में रही। इस दौरान उच्चाधिकारियों की ओर से इस मामले को लेकर फोन भी घनघनाते रहे। इससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप रहा। इस संबंध में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने की भी चर्चा रही लेकिन कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हुआ।