सिंघल का बयान, खून करवाना ही आजम का काम!
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विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक अशोक सिंघल ने सोमवार को अयोध्या से शुरू हुई 'राम बारात' के दौरान आजम खां पर जमकर जुबानी हमला बोला। सिंघल ने आरोप लगाया, 'आजम खून-खराबे को संरक्षण देते हैं और यही उनका मकसद रहता हैं।'
सिंघल ने कहा कि पिछले दिनों मंदिर मुद्दे पर मुलायम व उनके पुत्र अखिलेश यादव से लखनऊ में मेरी मुलाकात हुई थी, लेकिन आजम खां बीच में आ गए। उनको यह नहीं करना चाहिए था।
सिंघल ने कहा कि आजम को नहीं मालूम है कि इस देश की हवा बदल गई है। आजम के बयान सौहार्द में नहीं रहते हैं। वह हवा को पहचाने और शांति बनाए रखें। खून-खराबा जिहादी-माओवादी करते हैं।
सिंघल ने कहा कि देश के हजारों वर्षों के इतिहास में हिंदू समाज ने जिहादी प्रकृति का परिचय नहीं दिया है। हम शांतिप्रिय हैं, भारत में शांति कायम करने के लिए भगवान राम ने जन्म लिया था।
हम लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना चाहिए। गौरतलब है कि 84 कोसी परिक्रमा से पहले लखनऊ में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से अशोक सिंघल मिले थे और उनसे राममंदिर निर्माण में सहयोग की अपील की थी।
मुलायम को भी चेताया सिंघल ने
सिंघल ने दावा किया था कि मुलायम ने सहयोग का वादा किया है। इसी पर आजम खां भड़क उठे थे और बाबरी मस्जिद गिराने वाले लोगों को कातिल की संज्ञा देते हुए सिंघल और अयोध्या के साधुओं पर निशाना साधा था।
राम बारात की विदाई के समय सिंघल ने उसी दौर की चर्चा करते हुए आजम खां को लताड़ा और मुलायम को सावधान किया कि अब देश की हवा बदल गई। उन्होंने लोकसभा चुनाव परिणाम को इसकी की ताजा नजीर बताया।
गौरतलब है कि रविवार को ही आजम खां ने महंत आदित्यनाथ पर ऐसा एक आरोप लगाया था। आजम ने कहा था कि राम मंदिर तो बहाना है, असल मकसद खून बहाना है।
महंत आदित्यनाथ के बयान पर चिंता जताते हुए आजम ने कहा कि जिस तरह संख्या बल पर छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में मस्जिद के स्थान पर मंदिर बना लिया गया, उसी तरह दहशतजदा करके यूपी के मुसलमानों के वोट लेने का भाजपा का सपना कभी साकार नहीं होगा।