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दिल के मरीज बढ़े, विशेषज्ञ भी बढ़ें : डॉ. मेहरवाल
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कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने डॉ. जिले सिंह मेहरवाल का किया सम्मान।
लखनऊ। दिल की बीमारियों का इलाज भले ही लगातार बेहतर हो रहा हो लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत भी बढ़ रही है। वाल्व रिप्लेसमेंट, बाईपास सर्जरी और जटिल हृदय रोगों के ऑपरेशन से लेकर हार्ट ट्रांसप्लांट तक की सुविधाओं ने गंभीर मरीजों के इलाज की उम्मीद बढ़ाई है। ऐसे में हृदय रोगों के बढ़ते बोझ के सापेक्ष विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करना जरूरी है। इसके लिए नई पीढ़ी के डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण देना होगा।
यह कहना है केजीएमयू के 1976 बैच के पूर्व छात्र और वरिष्ठ कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. जिले सिंह मेहरवाल का। करीब 40 वर्ष के चिकित्सा कॅरिअर में वह अब तक 35 हजार से अधिक दिल की सर्जरी कर चुके हैं। उन्होंने 94 वर्ष की उम्र के मरीज की बाईपास सर्जरी का भी अनुभव साझा किया।
शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में जॉर्जियन एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से शिक्षकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मेहरवाल ने कहा कि हृदय सर्जरी में सफलता दर लगातार बेहतर हुई है। समय पर बीमारी की पहचान और इलाज से मरीजों को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में टीचिंग और ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया।
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शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, जीवन के मूल्य भी सिखाते हैं
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने और मेहनत व ईमानदारी को सफलता का आधार बनाने की अपील की। शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि छात्रों को चिकित्सा सेवा और जीवन के मूल्यों के गुर भी सिखाते हैं। कुलपति ने कहा कि वह स्वयं डॉ. जिले सिंह मेहरवाल की छात्रा रही हैं और उनके अनुभवों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। शिक्षकों के योगदान को जीवनभर याद रखना चाहिए। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. अक्षय आनंद, डीन डॉ. केके सिंह, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. पीके शर्मा, डॉ. ऋचा खन्ना समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
डॉक्टरों का हुआ सम्मान
समारोह में डॉ. जीके सिंह, डॉ. ओपी सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. एसएच नाटू, डॉ. वीएस नारायण, डॉ. उमा सिंह, डॉ. यशोधरा प्रदीप, डॉ. केके वाधमानी और डॉ. एपी टिक्कू समेत अन्य डॉक्टरों को सम्मानित किया गया।
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यह कहना है केजीएमयू के 1976 बैच के पूर्व छात्र और वरिष्ठ कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. जिले सिंह मेहरवाल का। करीब 40 वर्ष के चिकित्सा कॅरिअर में वह अब तक 35 हजार से अधिक दिल की सर्जरी कर चुके हैं। उन्होंने 94 वर्ष की उम्र के मरीज की बाईपास सर्जरी का भी अनुभव साझा किया।
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शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में जॉर्जियन एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से शिक्षकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मेहरवाल ने कहा कि हृदय सर्जरी में सफलता दर लगातार बेहतर हुई है। समय पर बीमारी की पहचान और इलाज से मरीजों को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में टीचिंग और ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया।
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शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, जीवन के मूल्य भी सिखाते हैं
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने और मेहनत व ईमानदारी को सफलता का आधार बनाने की अपील की। शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि छात्रों को चिकित्सा सेवा और जीवन के मूल्यों के गुर भी सिखाते हैं। कुलपति ने कहा कि वह स्वयं डॉ. जिले सिंह मेहरवाल की छात्रा रही हैं और उनके अनुभवों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। शिक्षकों के योगदान को जीवनभर याद रखना चाहिए। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. अक्षय आनंद, डीन डॉ. केके सिंह, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. पीके शर्मा, डॉ. ऋचा खन्ना समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
डॉक्टरों का हुआ सम्मान
समारोह में डॉ. जीके सिंह, डॉ. ओपी सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. एसएच नाटू, डॉ. वीएस नारायण, डॉ. उमा सिंह, डॉ. यशोधरा प्रदीप, डॉ. केके वाधमानी और डॉ. एपी टिक्कू समेत अन्य डॉक्टरों को सम्मानित किया गया।